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गुरुवार, मई 07, 2026

मेरठ/उत्तर प्रदेश - सीबीआई की बड़ी कार्रवाई 6 हजार की रिश्वत लेते सीजीएसटी अधीक्षक व कम्प्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथ दबोचा, मुकदमा दर्ज

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन विंग ने आज गुरुवार सुबह मेरठ स्थित सीजीएसटी कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खेल का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने सीजीएसटी रेंज-1 के अधीक्षक (सुपरिटेंडेंट) और उनके कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार मेरठ एक कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी रोहित पाल आर पी वेडिंग स्टूडियो' के संचालक है। रोहित पाल ने ही सीबीआई गाजियाबाद से सीजीएसटी कार्यालय मे रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। रोहित पाल ने सीबीआई से की गयी शिकायत मे बताया था कि उनके जीएसटी पंजीकरण के रिवोकेशन की प्रक्रिया चल रही थी। इस मामले मे अधीक्षक संजय मीना द्वारा गत 30 मार्च 2026 को उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था तथा कुछ दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश थे। रोहित का आरोप है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2026 को सभी जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर दिए थे, लेकिन उनके मामले का निस्तारण नहीं किया जा रहा था।सीजीएसटी कार्यालय से सम्पर्क करने पर कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा ने काम पूरा करने के बदले उनसे 6 हजार रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की थी। रोहित के अनुसार ये रिश्वत की रकम अधीक्षक द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से मांगी गयी थी।


सीबीआई ने रोहित पाल द्वारा की गयी शिकायत की प्रारंभिक जांच कराई। जिसमें आरोप सही पाए जाने पर सीबीआई की टीम ने कल बुधवार रात से ही मेरठ में डेरा डाल दिया था। आज गुरुवार सुबह जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद सीबीआई टीम ने यश शर्मा और अधीक्षक संजय मीना को दबोच लिया।


सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (2018 संशोधित) की धारा 7ए के तहत दंडनीय अपराध मानते हुए मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी गाजियाबाद के निरीक्षक ऋषभ राज को सौंपी गई है। सीबीआई सूत्रो के अनुसार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। आरोपी अधीक्षक और उनके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।


इस कार्रवाई के बाद से सीजीएसटी कार्यालय और आसपास के सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। सीबीआई अब यह भी खंगाल रही है कि क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं।

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