उत्तर प्रदेश के जिला बरेली से सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ बारादरी पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस (लखनऊ यूनिट, बरेली) और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह जन सेवा केंद्र की आड़ में रबर के नकली अंगूठे (क्लोन) और पेड वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर रहा था। पुलिस ने मौके से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली थी कि थाना बारादरी क्षेत्र के ग्राम डौहरा स्थित शिव मंदिर के सामने संचालित 'आव्या जन सेवा केंद्र' पर बड़े पैमाने पर अवैध और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मिलिट्री इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से केंद्र पर छापेमारी की।
मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा वैध रजिस्ट्रेशन या अनुमति पत्र मांगे जाने पर केंद्र संचालक बगले झांकने लगा। पुलिस टीम ने मौके से अमित कुमार, ललित कुमार और भारत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किये गए इन आरोपियो द्वारा पूछताछ के दौरान किये गए खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियो के भी कान खड़े कर दिए।आरोपियों ने बताया कि वे उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी विक्रांत नाम के एक शख्स के संपर्क मे थे। विक्रांत ने ही उन्हें इस गोरखधंधे की ट्रेनिंग दी थी।
आरोपियो ने बताया कि वे 'एनीडेस्क' एप्लिकेशन के जरिए सिस्टम का रिमोट एक्सेस लेक्रर फिंगर प्रिंट स्कैनर तथा नकली अंगूठो (रबर के बने) की मदद से आधार कार्ड अपडेट कर देते थे। आरोपी फर्जी आईडी और दस्तावेज बनाने के लिए 'रानी प्रिंट' नामक एक पेड वेबसाइट का उपयोग करते थे, जिसके जरिए फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी मिनटों में तैयार हो जाते थे।
इस छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने गिरोह की कार्यप्रणाली को समझने के लिए मौके पर ही एक आधार कार्ड बनवाकर देखा। जांच में ललित कुमार के नाम से मौके पर तैयार किया गया वह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाया गया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 67 तैयार फर्जी आधार कार्ड, 18 आधार इनरोलमेंट फॉर्म, भारी मात्रा में फर्जी जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र, रबर से बने अंगूठों के क्लोन, 2 लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर प्रिंट स्कैनर, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन बरामद किये है।
थाना बारादरी पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ आधार कार्ड अधिनियम की धारा 36 और भारतीय न्याय संहिताकी अन्य सुसंगत व गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश की सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी योजनाओं में भी सेंध लगा रहा था। इस मामले में कुछ और सफेदपोशों और मास्टरमाइंड विक्रांत के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और खुफिया टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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