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सोमवार, जून 08, 2026

Ashok Gehlot बनना चाहते थे कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहा-मुझे लगता है वो एक बड़ी...

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर उनके खिलाफ साजिश होने की बात कही है।

गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि आज मुझे सब कुछ मिल गया, मैं अति संतुष्ट पॉलिटिशियन हूँ देश का। अब मैं पद के पीछे नहीं हूँ। कोई पद ज़बरदस्ती आकर मुझपर पड़ जाए तो अलग बात है देखो। मैं कोई पद के लिए नहीं हूँ कि पद के लिए मैं ये करूँ, वो करूँ, कुछ नहीं करना मुझे। तीन-तीन बार मुख्यमंत्री कम नहीं होता देखो।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर गहलोत ने कहा कि मैं कांग्रेस प्रेसिडेंट बन रहा था, मैं अनपढ़ नहीं हूँ। मैं पढ़ा-लिखा भी हूँ। ये क्यों भ्रम है मीडिया वालों को? और अनपढ़ आदमी होता तो फिर भी कह देते वो। अनपढ़ कामराज जी थे, तब भी कांग्रेस प्रेसिडेंट थे देश के। मैं अनपढ़ नहीं हूँ। मुझे पता है कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद जहाँ गांधी जी अध्यक्ष रहे हों, पंडित नेहरू रहे हों, मोतीलाल नेहरू रहे हों, कौन नहीं रहा? सरदार पटेल रहे हों, कांग्रेस प्रेसिडेंट मुझे बना रही हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस, तो मैं मना करूँगा? मैं मना करूँगा? वो तो स्थिति ऐसी बना दी, वो भी एक कॉन्सपिरेसी थी मेरे ख्याल से। मुझे लगता है वो एक बड़ी कॉन्सपिरेसी हुई। अचानक ही ऑब्ज़र्वर आ गए, अचानक ही तमाशा हो गया, बदनाम मैं हो गया।

हिंदुस्तान में लोग समझते हैं अशोक गहलोत जो है, उसको मुख्यमंत्री रहना था, कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, इसलिए रिवोल्ट हुआ। अब मैं उनको कैसे समझाऊँ? आज मैं समझा रहा हूँ आपको। अब भी कुछ भला मेरा हो जाए तो आप लोग भला करना, जो मैं बता रहा हूँ आपको। पूरा मुल्क जानता है कि मुझे मुख्यमंत्री रहना था मैंने रिवोल्ट करवा दिया और वही मैं मीडिया की बात करूँगा। जिस मीडिया ने बातें फैलाई थी, मैं चुप रहा और चुप भी मैं इसलिए रहा मुझे सोनिया जी को बताना था कि चाहे ये पायलट के खिलाफ रिवोल्ट था या क्या था, मुझे मतलब नहीं है।

मैं प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया
आज मैं आया हूँ सिर्फ इसलिए कि मैंने जो है, मैं नेता था विधायक दल का। ऑब्ज़र्वर आए हुए थे एआईसीसी के। मैं प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया। हालांकि, मैंने रात को कहा था कि आप अभी इस मीटिंग को बंद करते हैं, कल वापस मीटिंग बुलाकर के अपन बात करेंगे। वो स्थिति बनी नहीं हमारी। प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। मैंने जाके सॉरी फील किया मैडम के सामने कि मैं विधायक दल का नेता था। मुझे सब कुछ पार्टी ने दिया है, उसके बाद में भी ये स्थिति बन गई तो मैं माफ़ी चाहता हूँ। ये बात थी।

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