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शुक्रवार, जून 05, 2026

चंदौसी/जिला संभल - श्री नारायण सेवा समिति ने धूमधाम से मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, जलवायु कार्रवाई के संकल्प के साथ रौंपे पौधे

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बढ़ते वैश्विक तापमान और मौसम के बदलते मिजाज के बीच आज 'विश्व पर्यावरण दिवस' के खास मौके पर चंदौसी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। स्थानीय सामाजिक संस्था श्री नारायण सेवा समिति (रजि.), चंदौसी द्वारा जारई रोड स्थित वी. आर. सनसिटी कॉलोनी में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान की खास बात यह रही कि यहाँ केवल पौधे रोपे नहीं गए, बल्कि उनके 'जीवन' और 'संवर्धन' की शत-प्रतिशत जिम्मेदारी भी तय की गई।


अभियान की शुरुआत बेहद व्यवस्थित ढंग से हुई। समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर सबसे पहले बरमे की मदद से पौधों की संख्या के अनुरूप गहरे गड्ढे तैयार किए। रोपण से पूर्व गड्ढों को पानी से सींचा गया ताकि मिट्टी में नमी गहराई तक बैठ सके (पेवस्त हो सके)। इसके बाद पूरी सावधानी के साथ पौधों की प्लास्टिक को हटाकर उन्हें वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी में स्थापित किया गया। पर्यावरण के प्रति केवल औपचारिकता न निभाते हुए, समिति ने निर्णय लिया कि जिस भी सदस्य ने जो पौधा लगाया है, वही भविष्य में उसकी पूरी देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी उठाएगा।


भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा और समृद्ध पर्यावरण देने के उद्देश्य से इस अभियान में केवल सजावटी नहीं, बल्कि दीर्घायु और औषधीय महत्व के पौधों को प्राथमिकता दी गई। आज रोपित किए गए मुख्य पौधों में पीपल और नीम, जामुन और सहजन, अर्जुन, सागौन और शीशम शामिल है। पौधारोपण के पश्चात कॉलोनी परिसर में एक संक्षिप्त लेकिन वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।


समिति के अध्यक्ष सुभाष वार्ष्णेय 'भोलेनाथ' ने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा, "सन् 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून को पर्यावरण दिवस घोषित किया था, जिसके बाद 1973 में 'एकमात्र पृथ्वी' के नारे के साथ पहला पर्यावरण दिवस मनाया गया। आज इतने वर्षों बाद भी यह लड़ाई जारी है और इस वर्ष का वैश्विक नारा 'जलवायु कार्रवाई' है, जिसे हमें धरातल पर उतारना होगा। मुख्य वक्ता व पूर्व प्रधानाचार्य दृगपाल सिंह ने भावुक संदेश देते हुए कहा कि आज के ये नन्हे पौधे कल जब विशाल वृक्ष बनेंगे, तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होंगे।


देश की आबादी और पर्यावरण के संतुलन पर बात करते हुए डॉ. आशीष यादव ने एक अद्भुत गणितीय विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत का हर नागरिक प्रतिवर्ष जिम्मेदारी के साथ केवल एक पौधा भी लगाए, तो एक साल में 1 अरब 50 करोड़ पौधे स्वतः ही पेड़ों में तब्दील हो जाएंगे, जो देश की तस्वीर बदल देगा। समिति के प्रबंधक हरीश कठेरिया (एडवोकेट) ने संस्था के विजन को स्पष्ट करते हुए बताया कि समिति के लिए यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। हर साल 5 जून से इस अभियान का शुभारंभ होता है और पूरे मानसून के मौसम में जगह-जगह अनेक बार पौधारोपण व उनके संरक्षण का कार्य निरंतर किया जाता है।


वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.के. अग्निहोत्री ने जोर देकर कहा कि पौधारोपण ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने का सबसे सस्ता, सुलभ और सुरक्षित उपाय है। वृक्ष सिर्फ धरती का श्रृंगार नहीं हैं, बल्कि ये समस्त प्राणी जगत के 'प्राणाधार' (जीवन का आधार) हैं।


कार्यक्रम के अंतिम चरण में केवल कागजी दावों से इतर, मैदान पर मौजूद सभी सदस्यों को पौधों की सुरक्षा, नियमित देखरेख और पर्यावरण संवर्धन की सामूहिक शपथ दिलाई गई। इस गौरवमयी और प्रकृति-हितैषी अवसर पर प्रमुख रूप से कृष्णगोपाल गुप्ता, बृज गोपाल गुप्ता, सुखलेश सिंह सहित कॉलोनी के अनेक प्रबुद्ध नागरिक और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

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