उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियो व माफियाओ के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आज बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई जिला बिजनौर मे भी की गई। प्रशासन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित गैंगस्टर अतीक अहमद के विशालकाय मीट प्लांट को कुर्क कर लिया है। कुर्क की गयी इस आलिशान सम्पत्ति की कीमत लगभग 168 करोड़ रूपये आंकी गयी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र के माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
उक्त पूरी कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है। पाठको को बताना उचित होगा कि मीट प्लांट का संचालक अतीक अहमद पुत्र मो. उमर मूल रूप से जिला बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर कस्बे का रहने वाला है। अतीक अहमद वर्तमान में नई दिल्ली के आलीशान इलाके निजामुद्दीन वेस्ट में रह रहा है। उसके खिलाफ बुंदेलखंड के जालौन जनपद के थाना ऐट में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज-विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, 1986 (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 2/3 के तहत मुकदमा पंजीकृत है।
जालौन के जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन करते हुए प्रशासनिक टीम आज बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भारी पुलिस बल के साथ बिजनौर के स्योहारा पहुंची और 'ओमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस' पर जब्ती की कार्रवाई शुरू की। टीम ने स्लाटर हाउस के मुख्य द्वार पर कुर्की का सरकारी नोटिस चस्पा कर उसे हमेशा के लिए सील कर दिया। 168 करोड़ कीमत की संपत्ति को कुर्क करने आये प्रशासनिक अमले को देख कस्बे मे अफरातफरी मच गयी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मौके पर खुद एसडीएम स्मृति मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी अभय कुमार पांडे, भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के आला अधिकारी तैनात रहे।
स्योहारा क्षेत्र के सहसपुर स्थित यह मीट प्लांट कोई नया नहीं बल्कि सालों से विवादों के घेरे में रहा है। इससे पहले साल 2018 में भी विभिन्न अनियमितताओं के चलते प्रशासन ने इस प्लांट को सील कर दिया था। पुलिस और खुफिया इनपुट के मुताबिक, आरोपी अतीक अहमद बेहद शातिर है। वह अपने गैंग लीडर गुलजार के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह संचालित करता है। यह गिरोह सिर्फ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ही नहीं, बल्कि अंतर्राज्यीय (दूसरे राज्यों) स्तर पर भी सक्रिय रूप से गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। जालौन पुलिस की पैरवी और बिजनौर प्रशासन के को-ऑर्डिनेशन ने आज इस गिरोह की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है।
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