इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गाजा के मामले में नरेन्द्र मोदी सरकार की निरंतर चुप्पी पर सवाल उठाया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि भारत को फलस्तीनियों के समर्थन में स्पष्ट और मुखर रुख अपनाना चाहिए तथा गाजा और वेस्ट बैंक में हो रही घटनाओं पर वैश्विक जनमत के अनुरूप प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी दैनिक के लिये लिखे लेख में संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि गाजा में बच्चों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और वहां की मानवीय स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हजारों बच्चों की मौत और तबाही का शिकार हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सोनिया गांधी ने लिखा कि मारे गए या घायल हुए लोगों में 27 प्रतिशत बच्चे हैं और अनेक के सिर तथा गर्दन में गोली लगने के प्रमाण मिले हैं। गाजा के 97 प्रतिशत विद्यालय नष्ट कर दिए गए हैं। बाल चिकित्सा अस्पतालों सहित स्वास्थ्य अवसंरचना को भी तबाह कर दिया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कई पश्चिमी देशों ने फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है, कई देशों ने इजराइल के साथ अपने संबंधों की समीक्षा की है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजराइल की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन भारत इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
pc-inc.in