उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद शर्मनाक वारदात सामने आई है। यहाँ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोर को बंधक बनाकर न केवल बुरी तरह पीटा गया, बल्कि उसे जबरन शराब पिलाकर उसकी आपत्तिजनक वीडियो भी बना ली गई। इस प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खौफजदा मासूम ने मौत को गले लगाने की कोशिश की। पीड़ित की माँ की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़ित किशोर की माँ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक उनका परिवार सिविल लाइंस क्षेत्र के हरथला विद्या नगर स्थित शिव मंदिर के पास रहता है। करीब एक हफ्ते पहले भटावली निवासी अक्षित चौधरी नाम के युवक ने उनके 14 वर्षीय बेटे को बहला-फुसलाकर एक कैंटीन में बुलाया था। मासूम के वहां पहुंचने से पहले से ही मोनू, अबूजर और कैंटीन संचालक शालिम मौजूद थे। आरोप है कि चारों ने मिलकर किशोर को कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और जबरन शराब पीने पर मजबूर किया गया।
बेरहम युवको की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने किशोर पर अवैध संबंध बनाने और अपने लिए किसी लड़की को फंसाकर लाने का घिनौना दबाव बनाया। जब मासूम द्वारा इस सबका विरोध किये जाने पर आरोपियों ने उसकी एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ली।
इसके बाद शुरू हुआ मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का वो दौर, जिसने एक हंसते-खेलते बच्चे को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। आरोपी लगातार उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने पीड़ित को अल्टीमेटम दिया था कि अगर शनिवार तक उनकी मांगें पूरी न होने पर वीडियो इंटरनेट पर डाल दी जाएगी। लगातार मिल रही धमकियों और लोक-लाज के डर से बच्चा गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया। इसी सबके चलते किशोर ने आत्महत्या का प्रयास किया।
मासूम द्वारा सुसाइड की कोशिश किए जाने के बाद जब परिजनों को इस पूरी आपबीती का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार ने बिना वक्त गंवाए सीधे पुलिस का रुख किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमा तुरंत एक्शन में आ गया।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष सक्सेना ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। आरोपी अक्षित चौधरी, मोनू, अबूजर और कैंटीन संचालक शालिम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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