उत्तर प्रदेश के रामपुर मे हिन्दू युवक व मुस्लिम युवती के प्रेम विवाह से जुड़े एक मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। इस मामले की जाँच करने रामपुर आयी छत्तीसगढ़ पुलिस और युवती के परिजनों को स्थानीय स्तर पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक चले घटनाक्रम और पुलिस हस्तक्षेप के बाद युवती को उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के भिलाई की निवासी अलीशा खातून सोशल मीडिया के माध्यम से रामपुर के सैनी नगर निवासी जितेंद्र के संपर्क मे आयी थी। दोनों के बीच सोशल मीडिया माध्यम से शुरू हुई जान पहचान धीरे धीरे प्रेम सम्बन्ध मे बदल गयी और गत 10 मई 2026 को युवती रामपुर पहुंच गई। युवती के घर से जाने के बाद उसके परिजनों ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसकी जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम युवती के परिजनो के साथ आज गुरुवार को रामपुर पहुंची थी। छत्तीसगढ़ पुलिस की इस टीम मे भिलाई से उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह राजपूत के साथ ही युवती की माँ परवीन बेगम व भाई समीर अहमद शामिल थे।
मामले की जानकारी मिलते ही कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। उनका कहना था कि यदि युवती बालिग है और अपनी इच्छा से रह रही है, तो उसे जबरन कहीं नहीं भेजा जाना चाहिए। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और जांच के लिए आए पुलिस अधिकारी के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिविल लाइंस थाना और नगर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और युवती से अलग से बातचीत कर उसका पक्ष जाना।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती ने लिखित और वीडियो बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी इच्छा से रामपुर में रह रही है और अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। युवती बालिग है इसलिए कानून के अनुसार उसे अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और उसके साथ रहने का अधिकार प्राप्त है। युवती का बयान दर्ज किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ से आए जांच अधिकारी ने उसे अपनी जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनाया। मामले के निस्तारण के बाद युवती अपने पति के साथ चली गई, जबकि उसकी मां, भाई और जांच अधिकारी वापस लौट गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई युवती के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर दिनभर कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का माहौल बना रहा।
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