जिला बिजनौर की चाँदपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यो को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, बैंकिंग से जुड़ी सामग्री व नकदी बरामद की है। पुलिस द्वारा की गयी प्रारम्भिक जाँच मे सामने आया कि यह गिरोह देश के कई राज्यो मे सक्रिय था और कई लोगो को झांसा देकर लाखो रूपये की ठगी कर चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर एचडीएफसी बैंक की चांदपुर शाखा से जुड़ी एक एटीएम यूनिक आईडी के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण जेएमआईएस और प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से किया गया, जिसमें पता चला कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा और तमिलनाडु सहित कई राज्यों के नागरिक इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए हैं।
इस प्रकरण में 11 जुलाई 2026 को थाना चांदपुर में सुसंगत धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाते हुए त्वरित कार्रवाई की और एक महिला समेत गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिल, महेंद्र, पूनम, सुमित, मोहम्मद रफी और कमलवीर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करते थे। गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड तैयार कर बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था।
पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य लोगों को फोन कर खुद को उनका रिश्तेदार बताते थे या फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देते थे। लोगो का विश्वास जीतने के बाद उन्हे फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजे जाते थे, जिनमें यह दर्शाया जाता था कि गलती से उनके खाते में पैसे भेज दिए गए हैं। इसके बाद रकम वापस करने के नाम पर पीड़ितों से अपने और फर्जी बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करा ली जाती थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 9 आधार कार्ड, 6 पैन कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, 6 चेकबुक, 7 वीआई सिम रैपर, एक ड्राइविंग लाइसेंस, दो वोटर आईडी कार्ड, दो ई-श्रम कार्ड, दो आयुष्मान कार्ड, एक पहचान पत्र, बैंक खाता खोलने से संबंधित दस्तावेज, एक्सिस बैंक के रिकॉर्ड तथा ₹38,430 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
(न्यूज़ इंडिया 17 पाठकों से अपील करता है कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी बैंक संदेश या अधिक मुनाफे के लालच में आकर धनराशि ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।)

