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मंगलवार, अगस्त 18, 2026

बरेली/उत्तर प्रदेश - तीन तलाक का दंश झेल रही जमीला ने अपनाया हिन्दू धर्म, ज्योति देवी बन हिन्दू प्रेमी से की शादी

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उत्तर प्रदेश के बरेली से तीन तलाक का दंश झेल रही झारखंड के बोकारो निवासी युवती द्वारा सनातन धर्म अपनाकर हिन्दू प्रेमी के साथ विवाह किये जाने का मामला प्रकाश मे आया है। युवती ने बरेली स्थित अगस्त्य ऋषि आश्रम मे वैदिक मंत्रोचार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर अपने प्रेमी के साथ सात फेरे लिए।

मूल रूप से झारखंड के जिला बोकारो अंतर्गत लोधी नीच टोला निवासी जमीला खातून पुत्री आबिद अंसारी ने बताया की उनकी भगवान शिव मे गहरी आस्था है। पूर्व मे हुए निकाह के बाद भी वह पूजा अर्चना करती थी। जमीला का आरोप है कि इस सबका पता लगने पर उनके पहले शौहर और ससुराल पक्ष ने उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। जमीला ने बताया कि पूजा-पाठ छोड़ने से इनकार करने पर ये विवाद और बढ़ गया और शौहर ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद जमीला हजारीबाग जिले के चानो (ऊंचाघना) निवासी जगदेव रविदास के पुत्र प्रकाश रविदास के संपर्क मे आयी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में उन्होंने विवाह करने का फैसला किया।

परिवार और स्थानीय स्तर पर संभावित विरोध को देखते हुए दोनों झारखंड से बरेली पहुंचे। यहां उन्होंने अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य के.के. शंखधार से संपर्क किया। आश्रम में जमीला की इच्छा के अनुसार सनातन परंपरा के तहत शुद्धिकरण और दीक्षा की प्रक्रिया कराई गई। आश्रम मे गंगाजल और गोमूत्र का आचमन कराने के बाद युवती से संकल्प कराया गया। इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप कराने के उपरांत सनातन धर्म की दीक्षा दी गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद  युवती का नाम ज्योति देवी रखा गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रकाश और ज्योति ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।

विवाह के बाद ज्योति देवी ने कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव, लोभ या लालच के अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया है। उन्होंने भगवान शिव में अपनी आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि वह प्रकाश के साथ नई जिंदगी शुरू कर खुश हैं। ज्योति ने अपने पूर्व वैवाहिक जीवन और धार्मिक आस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।

आश्रम के आचार्य के.के. शंखधार के मुताबिक प्रकाश रविदास की उम्र 22 वर्ष और ज्योति देवी की उम्र 18 वर्ष है। उनका कहना है कि विवाह से पहले दोनों के पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई, जिसके बाद वैदिक रीति से विवाह कराया गया। नवविवाहित जोड़े ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है। दोनों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपना वैवाहिक जीवन बिताना चाहते हैं।

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