रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ कर रही थीं, उसी दौरान बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र में हुई वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। यहाँ कल देर रात मढ़ीनाथ इलाके की मांझे वाली बगिया में भाजपा नेता की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान भाजपा मढ़ीनाथ मंडल के ओबीसी मोर्चा उपाध्यक्ष सचिन कश्यप के रूप में हुई है। त्यौहार की रात हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनो मे कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ समय पहले तक रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां देखते ही देखते मातम पसर गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सचिन कश्यप का कुछ लोगों से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। हालांकि, उस समय स्थानीय लोगों और परिचितों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। समझौते के बाद विवाद शांत दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि पुरानी रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। इसी विवाद को हत्या की वारदात से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन की रात सचिन कश्यप मढ़ीनाथ स्थित मांझे वाली बगिया के पास मौजूद थे। इसी दौरान कुछ हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि हमलावरों ने सचिन कश्यप पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सचिन की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए। सुभाषनगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया।
सीओ नितिन कुमार के अनुसार, पुलिस ने वारदात से जुड़े आरोपियों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पूरा खुलासा किया जाएगा।
सचिन कश्यप की हत्या की खबर ने परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर हुई इस वारदात ने इलाके की खुशियों को मातम में बदल दिया। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि हत्या में कितने लोग शामिल थे और पैसों के विवाद की पूरी कहानी क्या थी।
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