श्री नारायण सेवा समिति (रजि.), चन्दौसी के तत्वावधान में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हिन्दी सेवा सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में पाठ्य सहगामी गतिविधियों से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निबंध लेखन, सुलेख, श्रुतलेख, पत्र लेखन और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मॉडल एजुकेशन कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार गोयल ने हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी हमारी मूल भाषा है और दैनिक जीवन में इसका अधिक से अधिक प्रयोग किया जाना चाहिए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुभाष वार्ष्णेय भोलेनाथ ने कहा कि वर्तमान समय में हिन्दी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। हिन्दी हमारे जीवन और हमारी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
परिणाम घोषित होने के बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के नाम सामने आए। निबंध लेखन प्रतियोगिता में जगदीश शरण सर्राफ सरस्वती शिशु मंदिर की उन्नति यादव ने प्रथम, प्रतिज्ञा यादव ने द्वितीय और ध्रुव कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सुलेख/श्रुतलेख प्रतियोगिता में लाला सोहनलाल सरस्वती शिशु मंदिर की नव्या दुबे प्रथम, नंदिनी अग्रवाल द्वितीय और प्रकृति अग्रवाल तृतीय रहीं। पत्र लेखन प्रतियोगिता में जगमोहन सरस्वती शिशु मंदिर की आराध्या ने प्रथम, विनायक ने द्वितीय और प्रियांशु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी क्रम में कविता लेखन प्रतियोगिता में राजेश कुमार सरस्वती विद्या मंदिर के विकास कुमार प्रथम, अक्षय सक्सेना द्वितीय और तनु तृतीय स्थान पर रहीं।
प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को उनकी उपलब्धि के अनुसार लेखन सामग्री, प्रशस्ति पत्र एवं बिस्किट आदि देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सुभाष वार्ष्णेय भोलेनाथ और डॉ. राजकुमार गोयल के साथ के. जी. गुप्ता, हरीश कठेरिया, बृजगोपाल गुप्ता एवं पूर्व प्रधानाचार्य दृगपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयशंकर दुबे ने किया, जबकि प्रतियोगिताओं का संयोजन अधिवक्ता हरीश कठेरिया ने किया। इस अवसर पर विनय कुमार, हिमांशु वार्ष्णेय, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति रुचि, सृजनात्मकता और गौरव की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
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