इंटरनेट डेस्क। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती उत्तर प्रदेश के विधानसभा से पहले बड़ा कदम उठाते हुए भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। राज्यसभा सदस्य रहे अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद मायावती ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस फैसले की जानकारी दी है।
उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि आज अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा अति-देर से उठाया गया यह सही क़दम है। वैसे लोगों का यही कहना है कि अगर यह फैसला वे काफी पहले ही ले लेते तो बीएसपी, बहुजन समाज व बहुजन मूवमेन्ट तथा उनके दामाद आकाश आनन्द को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता और ना ही मुझे विधानसभा आमचुनाव एवं ख़ासकर यूपी में पाँचवीं बार सरकार बनाने की ज़बरदस्त तैयारियों के बीच, पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित के मद्देनज़र इनके बारे में कई बार कड़े फैसले लेने आदि की ज़रूरत पड़ती। आकाश आनन्द को पार्टी व मूवमेन्ट के वास्तविक हित तथा इससे जुड़े अपने कॅरियर की भी परवाह कम तथा रिश्ते-नातों आदि का मोह ज़्यादा है तो ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश आनन्द डबल माइण्ड होकर फिर बीएसपी पार्टी व मूवमेन्ट का भला कैसे कर सकते हैं?
आकाश आनन्द पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं
मायावती ने कहा कि इसीलिये पार्टी के लोगों को यही बेहतर लगता है कि उन्हें पहले दिनांक 3 सितम्बर 2026 को जिस प्रकार से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के अति-महत्वपूर्ण पद की सभी अहम ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, उसी प्रकार अब उन्हें पार्टी में भी आज से पूरी तरह से फ्री (आज़ाद) कर दिया जाए। अतः आकाश आनन्द पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं अर्थात ऐेस में अब इनको पार्टी से पूरेतौर से मुक्त कर दिया गया है।
PC: Ndtv
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