इंटरनेट डेस्क। देश के शीर्ष न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को लेकर आज बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज सीजेपी के आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कर दिया है।
खबरों के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई शक्तियों का उपयोग किया है। इससे पहले सीजेपी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस ले लिया। आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद सीजेपी नेताओं से किए गए तीनों वादे पूरे करने के लिए सरकार वचनबद्ध है।
सरकार की ओर से नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की दिल्ली पुलिस की याचिका 31 अगस्त को दायर की थी। सरकार ने सोमवार को दिए आवेदन के माध्यम से कहा था कि 25 जुलाई के फैसले के अनुसार दिल्ली पुलिस सीजेपी के प्रदर्शनों से जुड़ी 13 एफआईआर को आगे नहीं चलाना चाहती।
आपको बता दें कि 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ सीजेपी का आंदोलन शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से दूसरी मांगें मानने के बाद 25 जुलाई को खत्म हुआ था।
PC: aajtak
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