आज मंगलवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर 32 बटालियन, एनसीसी धामपुर व पूर्व सैनिको द्वारा नगर के एचएमआई कॉलेज के गेट पर एक कैंप लगाया गया। यह कैंप कर्नल नीलम शर्मा व सूबेदार मेजर अरविन्द वर्मा के निर्देशन में सूबेदार अजीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। पाठको को बताना उचित होगा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है।
झंडा दिवस मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना होता है l भारत सरकार ने सन 1949 में सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाने का निर्णय लिया था। देश की सुरक्षा में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों के कल्याण हेतु सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। इस दिन झंडे की खरीद से होने वाली आय को शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण पर खर्च किया जाता है। इसके अतिरिक्त सशस्त्र सेना झंडा दिवस द्वारा एकत्र की गई धनराशि युद्ध वीरांगनाओं, सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक, युद्ध व उनके परिवार के कल्याण पर खर्च की जाती है l शुरुआत में यह झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता था वर्ष 1993 में इसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस का नाम दे दिया गया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक कमल राठी, कुलदीप फौजी, निपेंद्र फौजी, अनिल शर्मा फौजी आदि मौजूद रहे। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के कैडेट्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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