नहटौर - नगर कांग्रेस कमेटी ने सहारा व पल्स कंम्पनी में जमा निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की माँग को लेकर राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

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शुक्रवार, जनवरी 07, 2022

नहटौर - नगर कांग्रेस कमेटी ने सहारा व पल्स कंम्पनी में जमा निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की माँग को लेकर राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा

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आज शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर नगर कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक कार्यालय पर प्रदर्शन किया व विभिन्न माँगो को लेकर महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। कांग्रेस कमेटी द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रदेश के करोड़ो निवेशकों द्वारा विभिन्न कंपनियों में जमा की गयी हजारो करोड़ की धनराशि वापस दिलाये जाने की माँग की गयी है। 


आज शुक्रवार की सुबह कांग्रेस कमेटी के नगराध्यक्ष जहाँगीर स्वीट व ब्लॉक अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह के संयुक्त नेतृत्व में ब्लॉक कार्यालय पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि गत वर्षो में उत्तर प्रदेश में सहारा समूह व पल्स जैसी कम्पनियो द्वारा भारी मुनाफे का लालच देकर आरडी व एफडी के नाम पर निवेशकों से करोड़ो रूपये जमा कराये गए है। निवेशकों ने सुखद भविष्य, बेटियों की शादी आदि कार्यो के लिए अपनी मेहनत की कमाई इन कम्पनियो में जमा कराई मगर निश्चित समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों को उनका पैसा कम्पनियो ने नहीं लौटाया है। निवेशक पिछले 4 - 5 वर्षो से कम्पनी के कार्यालयों में लगातार चक्कर लगा रहे है और वहाँ बैठे कर्मचारी उन्हें आश्वासन देकर टरका रहे है। ज्ञापन में कहा गया है कि सहारा जैसी बड़ी कम्पनी जो विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है में लगभग 12 लाख कर्मचारियों का भी पैसा फंसा हुआ है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस सबके बाद भी सरकार के पास इन कम्पनियो में निवेश किये गए पैसे उस पैसे का प्रयोग कम्पनियो ने कहाँ और किस प्रकार किया का कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। 


ज्ञापन में इन कम्पनियो के कुछ बड़े मामलो का हवाला देते हुए कहा गया है कि सहारा समूह की दो कम्पनियो सहारा इंडिया रियल स्टेट कारपोरेशन लिमिटेड व सहारा हाउसिंग इंवेसमेन्ट कॉपोरेशन लिमिटेड कम्पनी में प्रदेश के सवा 2 करोड़ निवेशकों का लगभग 24 हजार करोड़ रूपये जमा कराये है। इसी कम्पनी में इसके लगभग 12 हजार कर्मचारियों का भी पैसा फंसा हुआ है। ज्ञापन में कहा गया है कि रियल स्टेट कम्पनी में प्लॉटिंग व हाउसिंग स्कीम में पैसा जमा कराया गया जिसे सेबी ने 22 अगस्त 2014 को बंद कराया था। ज्ञापन में बताया गया है कि सेबी ने आरोप लगाया था कि ये कम्पनी आरडी व एफडी के नाम पर निवेशकों से अवैध रूप से पैसा जुटा रही है। उक्त मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने 2 फरवरी 2016 को लोढ़ा कमेटी व सेबी को 6 माह में निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया था मगर आज 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी मात्र 2 प्रतिशत निवेशकों को आधा अधूरा भुगतान किया गया है। इसी प्रकार पल्स कम्पनियो में भी निवेशकों का करोड़ो रुपया पॉलिसी के नाम पर जमा कराया गया है और इनमे निवेश करने वाले अधिकतर लोग निम्न व मध्यम वर्ग से है। ज्ञापन में कहा गया है कि पल्स कम्पनी द्वारा पैसा जमा करने पर निवेशकों को जो पावती दी गयी थी अब उस पावती को विनियामक संस्था सेबी भी नहीं मान रही है। 


उक्त ज्ञापन के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार से इन कम्पनियो को सूचीबद्ध कराकर तत्काल निवेशकों पैसा वापस दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार इस मामले में आवश्यक हस्तक्षेप करे तथा सहारा व पल्स कम्पनियो के साथ ही सेबी को भी निवेशकों का करोड़ो रुपया वापस दिलाने हेतु निर्देशित करे। 


ज्ञापन देने वालो में कांग्रेस कमेटी के नगराध्यक्ष जहाँगीर स्वीट व ब्लॉक अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह, साबिर अंसारी, हसमत अली, वसीम अंसारी, मोहम्मद सलमान, खिलेंद्र सिंह, अमित त्यागी, फहीम, लकी, परवेज, इकबाल, हबीब शाह, महेश सिंह आदि मौजूद रहे। 

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