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सोमवार, मार्च 09, 2026

बिजनौर/उत्तर प्रदेश - डॉक्टर हत्याकांड की जाँच मे हुआ अवैध हथियारो के बड़े कारोबार का खुलासा, मास्टर माइंड समेत 8 गिरफ्तार

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जिला बिजनौर पुलिस ने नगीना के चर्चित डॉ. राजकुमार हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के दौरान अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध पिस्तौल, तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं।


उक्त पूरे मामले का खुलासा गत 5 मार्च को नगीना थाना क्षेत्र में हुई डॉ. राजकुमार की हत्या की जांच के दौरान हुआ। पुलिस पहले ही इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में विकास ने बताया था कि वारदात मे इस्तेमाल किया गया तमंचा उसने धामपुर के आर्यन उर्फ राजन से खरीदा था। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने जब जाल बिछाया और अवैध हथियारों की एक पूरी सप्लाई चेन सामने आ गई।


इसके बाद सक्रिय हुई नूरपुर, धामपुर और स्योहारा थाना पुलिस ने एसपी के निर्देश पर संयुक्त छापेमारी की। पुलिस ने राजन को हिरासत मे लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर छापामार कार्रवाई कर माइकल, नबील और विनीत को गिरफ्तार किया। इन सभी को भी अवैध हथियार बेचे गए थे। पूछताछ का सिलसिला आगे बढ़ा तो अमरोहा के नौगांवा सादात निवासी अमीउद्दीन उर्फ आरिफ का नाम सामने आया। अमीउद्दीन अपने घर पर ही अवैध शस्त्र बनाने और मरम्मत करने की फैक्ट्री चला रहा था। पुलिस ने उसे भी धर दबोचा।


अवैध हथियारो के काले धंधे मे लिप्त गिरफ्तार किये गए अभियुक्तो ने पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ मे कई चौंकाने वाले खुलासे किये। अभियुक्तो ने बताया कि वे अवैध पिस्तौल 40 हजार रुपये मे बेचते थे और तमंचा 6 हजार रूपये प्रति नग के हिसाब से सप्लाई होता था।


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 अवैध पिस्तौल, 11 तमंचे और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आरिफ, राजन, माइकल, नबील, विनीत, ललित और सीवांत शामिल हैं। गिरफ्तार किये गए सभी अभियुक्तो का सुसंगत धाराओ में चालान कर जेल भेज दिया गया है।

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