![]() |
| हंगामा करते परिजन व इनसेट मे मृतका की फाइल फोटो |
जनपद संभल के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल से लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने बच्ची को जन्म देने के महज छह घंटे बाद दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलने पर आक्रोशित परिजनो ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते की चर्चा के बाद परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के शव लेकर घर चले गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बनियाठेर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत सिरसी निवासी सुभान ने अपनी पत्नी साहिबा को प्रसव के लिए बैटला स्थित केजीएन अस्पताल में भर्ती कराया था। देर रात साहिबा ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी।
परिजनों ने बताया कि आज सुबह अचानक साहिबा की तबीयत बिगड़ने लगी और बेहोश हो गयी। परिजनो के अनुसार साहिबा के उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे थे। परिजनों ने तुरंत अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद भी समय पर सही उपचार नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर ने उन्हें दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दी मगर तब तक साहिबा की सांसें थम चुकी थी।
महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। करीब 4 घंटे तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, बाद में स्थानीय लोगों की मध्यस्थता और आपसी समझौते के बाद परिजन शांत हुए और बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए।
इस पूरे मामले में पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। चंदौसी थाना प्रभारी अनुज तोमर ने बताया कि घटना की कोई आधिकारिक सूचना पुलिस को नहीं मिली है। यदि पीड़ित परिवार की ओर से कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
.png)
