नहटौर पुलिस ने गौवंश वध के संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी उसी गौशाला मे चौकीदार के पद पर तैनात है जिस गौशाला के दो पशुओ का वध किया गया था। पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ मे आरोपी ने चौकाने वाला खुलासा किया।
पाठको को बताना उचित होगा कि कल गुरुवार को की गयी गणना मे थाना क्षेत्र के ग्राम तुराबनगर स्थित गौशाला मे 2 पशु कम मिले थे। गौशाला से गौवंशीय पशुओ के गायब होने पर क्षेत्र मे हड़कंप मच गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीम को तलाश करने पर पास के गाँव बाजिदपुर के जंगल मे गौवंशीय पशुओ के अवशेष पड़े मिलने पर ये मामला तूल पकड़ गया था। आक्रोश भड़कता देख पुलिस ने मामले मे त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी थी।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात अभियुक्तो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी थी। इसी जाँच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यो के आधार पर पुलिस को गौशाला के चौकीदार दयाराम पुत्र कलवा सिंह, निवासी ग्राम तुराबनगर पर भी शक हुआ। पुलिस ने दयाराम को हिरासत मे लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ के दौरान दयाराम टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। दयाराम ने बताया कि घटना से दो दिन पहले कुछ लोगों ने उसे भारी मुनाफे का लालच दिया था। इन्ही लोगो द्वारा दिए गए पैसों के लालच में आकर उसने गौवंश को वध के लिए उपलब्ध कराया था। इस कृत्य के बदले उसे मोटी रकम मिलने का वादा किया गया था।
थाना प्रभारी रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गौवंश निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में शामिल अन्य सह-अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है।
आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम मे उप निरीक्षक दीपक कुमार, राकेश मोहन, कांस्टेबल सचिन चौधरी व गौरव निर्वाल शामिल रहे।
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