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उक्त घटना गत 20 मार्च को थाना क्षेत्र के आजाद नगर निवासी अशोक कुमार के साथ घटित हुई। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और दावा किया कि यह 'पीएम किसान' योजना से जुड़ी सरकारी फाइल है। अशोक ने उस फाइल पर क्लिक कर उसे डाउनलोड कर लिया। इतना करते ही अशोक का फोन नियंत्रण से बाहर हो गया और मोबाइल मे मौजूद बैंकिंग एप्स व अन्य डाटा तक साइबर ठगो की पहुंच बन गयी।
मोबाइल का कंट्रोल मिलते ही ठगों ने बिना देर किए अशोक कुमार के तीन अलग-अलग बैंकों के खातों में सेंध लगा दी। पीड़ित को तब पता चला जब उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। ठगो ने अशोक कुमार के बैंक ऑफ़ बड़ौदा मे संचालित खाते से 56 हजार, पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 9 हजार 200 तथा स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया के खाते से 7 हजार 200 रूपये निकाल लिए। साइबर ठगो ने कुछ ही मिनटो मे अशोक कुमार के 3 खातो से कुल 72 हजार 400 की रकम पार कर दी।
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित अशोक कुमार ने तत्काल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बारादरी थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस और साइबर सेल टीम अब उस नंबर और बैंक खातों को ट्रैक कर रही है, जहाँ पैसा ट्रांसफर किया गया है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, APK (Android Package) फाइलें बेहद खतरनाक हो सकती हैं। जब कोई यूजर इसे इंस्टॉल करता है, तो यह फोन के कैमरे, मैसेज (OTP), कॉन्टैक्ट्स और स्क्रीन की परमिशन ले लेती है। इसके जरिए ठग घर बैठे आपके फोन की स्क्रीन देख सकते हैं और ओटीपी पढ़कर ट्रांजैक्शन पूरा कर लेते हैं।
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