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गुरुवार, मार्च 19, 2026

मेरठ/उत्तर प्रदेश - 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड का लिपिक, मुकदमा दर्ज

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भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम मेरठ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी करप्शन टीम ने आज गुरुवार की सुबह पूर्व सैनिक कल्याण निगम के लेखा लिपिक 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी लिपिक एक ठेकेदार से उसका बकाया बिल पास करने के नाम पर ये रिश्वत ली थी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार सरधना क्षेत्र के ग्राम भरवाड़ा निवासी संजीव शर्मा सरकारी विभागों में स्टेशनरी और फर्नीचर सप्लाई का कार्य करते हैं। हाल ही में उन्होंने कंकरखेड़ा डिफेंस कॉलोनी स्थित नगर निगम कार्यालय में सामान की सप्लाई का ठेका लिया था। इस सप्लाई के एवज में उनका करीब डेढ़ लाख रुपये का बिल बकाया था।


आरोप है कि इस बिल को पास करने के लिए जिला मुजफ्फरनगर के थाना भोरा कला निवासी लेखा लिपिक शक्ति मलिक ने 50 उनसे हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार का कहना था कि रिश्वत न देने पर आरोपी लिपिक बार-बार बिल पास करने से इनकार कर रहा था और उसे परेशान किया जा रहा था। संजीव शर्मा ने दो दिन पूर्व  एंटी करप्शन टीम मेरठ से संपर्क कर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।


आज गुरुवार सुबह ठेकेदार संजीव शर्मा नगर निगम कार्यालय पहुंचे और आरोपी शक्ति मलिक को केमिकल लगे हुए 50 हजार रुपये थमा दिए। शक्ति सिंह द्वारा पैसे पकड़ते ही घात लगाये बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। एंटी करप्शन टीम द्वारा शक्ति मलिक के हाथ धुलवाये जाने पर गुलाबी हो गए। जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।


गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी शक्ति मलिक को लेकर थाने पहुंची, जहाँ उससे गहन पूछताछ की गई। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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