जिला अमरोहा की जोया सीएचसी मे तैनात संविदाकर्मी द्वारा गत 25 फरवरी को की गयी आत्महत्या के मामले मे नया मोड़ आ गया है। घटना को एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपियो की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध मृतक की पत्नी ने परिजनो व ग्रामीणो के साथ आज गुरुवार को एसपी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पीड़िता ने पुलिस पर आरोपियो को संरक्षण देने और कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई।
पाठको को बताना उचित होगा कि जनपद के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गाँव भेड़ा भरतपुर निवासी अंकुर चीमा जोया सीएचसी मे संविदा कर्मी के पद पर तैनात थे। गत 25 फरवरी को अंकुर ने अपने सरकारी आवास मे पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इस सुसाइड नोट मे अंकुर चीमा ने अपने ही भाई, भाभी और पिता पर मानसिक उत्पीड़न और मारपीट किये जाने का गंभीर आरोप लगाया था।
मृतक की पत्नी गरिमा सिंह जो जिला बलरामपुर मे प्राथमिक विद्यालय मे शिक्षिका के पद पर तैनात है ने गत सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर आपबीती सुनाई थी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाये थे।
जोया सीएचसी में तैनात संविदा कर्मी अंकुर चीमा की आत्महत्या के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। घटना के एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध मृतक की पत्नी ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पीड़िता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। गरिमा सिंह ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट मे नाम होने के बावजूद डिडौली पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किये जाने पर आहत गरिमा सिंह आज गुरुवार को गुरुवार को अपने आठ महीने के मासूम बेटे और मायके पक्ष के लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और प्रदर्शन किया। गरिमा ने बताया कि शादी 2022 में हुई थी और सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन ससुराल पक्ष के उत्पीड़न ने उनके पति को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। गरिमा सिंह का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और मुझ पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। मुझे और मेरे छोटे बच्चे को जान का खतरा है, लेकिन डिडौली पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी ने पीड़िता को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल डिडौली कोतवाल को निर्देशित किया कि मामले में ढिलाई न बरती जाए और सुसाइड नोट के आधार पर नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
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