जिला मेरठ की देहली गेट पुलिस ने गत रविवार को ई-रिक्शा सवार सर्राफा व्यवसायी के बैग से 12 लाख की नकदी उड़ाने वाली अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह की एक सदस्या को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार की गयी महिला के पास से चोरी की गई रकम में से 11 लाख 20 हजार रुपये बरामद किए हैं। यह गिरोह मासूम बच्चे की आड़ में अलग-अलग राज्यों मे वारदातो को अंजाम देता था। गिरोह की दूसरी महिला सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पाठको को बताना उचित होगा कि गत रविवार को सहारनपुर के देवबंद निवासी अनिल गुप्ता (न्यू गुप्ता ज्वेलर्स) आभूषण खरीदने के लिए मेरठ आए थे। उन्होंने अपनी कार टाउन हॉल की पार्किंग में खड़ी की और ई-रिक्शा से नील की गली की ओर जा रहे थे। रास्ते में घंटाघर के पास से एक बच्चे के साथ दो महिलाएं भी ई-रिक्शा में सवार हुईं। शातिर महिलाओं ने मात्र 150 मीटर की दूरी तय करने के दौरान ही सर्राफ के बैग से 12 लाख रुपये पार कर दिए और रिक्शा से उतरकर चंपत हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही देहली गेट पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि पुलिस को चकमा देने के लिए महिलाओं ने घंटाघर से नौचंदी के कुटी चौराहे तक पहुंचने के दौरा 6 ई-रिक्शा बदले। आरोपी महिलाओ को तलाशती हुई पुलिस उनके ठिकाने पर पहुंची मगर वे वहां से फरार हो चुकी थी। आज बुधवार को पुलिस ने सिटी स्टेशन के पास से घेराबंदी कर आशा उर्फ सुनीता, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में आशा ने बताया कि वह अपनी गांव की सहेली अंजली के साथ मिलकर पिछले डेढ़ साल से चोरी कर रही है। वे दोनों अंजली के छोटे बच्चे को गोद में लेकर चलती थीं ताकि किसी को शक न हो। चोरी करने के बाद वे कुछ दिन शहर में छिपती थीं और फिर अपने गांव लौट जाती थी। इन महिलाओ ने हाल ही में पंजाब के भटिंडा में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार की गयी शातिर महिला चोर का सुसंगत धाराओ मे चालान कर जेल भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष देहली गेट ने बताया कि गिरफ्तार की गयी महिला शातिर अपराधी है। ये लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा सवार लोगों को निशाना बनाती थीं। फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं, जल्द ही उसे भी जेल भेजा जाएगा।
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