विकास खंड नहटौर के मनरेगा कर्मियों ने आज बुधवार को अपनी लंबित मांगों और आर्थिक बदहाली को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी। पिछले कई महीनों से मानदेय न मिलने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने एकजुट होकर खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि समस्याओ का जल्द ही समाधान न होने पर वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुँचे कर्मियों का आरोप है कि वे पिछले लगभग दो दशकों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी निष्ठा के साथ जुटे हैं। इसके बावजूद प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
मनरेगा कर्मियो ने बीडीओ को सौंपे गए ज्ञापन मे पिछले 6 से 8 माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी किये जाने, वर्तमान मे बढ़ रही महंगाई को देखते हुए मानदेय 24 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किये जाने, सभी कर्मचारियो के लिए ईपीएफ लाभ सुनिश्चित किये जाने व योजनाओ के पारदर्शिता के साथ बेहतर संचालन हेतु कर्मियो को मोबाइल व टेबलेट के साथ ही अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाने की मांग की है।
कर्मियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी मांगों का जल्द निस्तारण न होने पर समस्त कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक और कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।
बीडीओ ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कर्मियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों और शासन तक भेजा जायेगा ताकि जल्द से जल्द समस्या का हल निकल सके।
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