आज शुक्रवार की सुबह जिला बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र मे जंगली हाथी द्वारा एक महिला पर जानलेवा हमला किये जाने के बाद हड़कंप मच गया। हमले मे गंभीर रूप से घायल हुई महिला की मौके पर ही मौत हो गयी। इस घटना के बाद से गांव व आसपास के क्षेत्रो मे दहशत का माहौल बना हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणो ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े 7 बजे थाना क्षेत्र के गांव रामपुर चाढा निवासी सुंदर सिंह की पत्नी ब्रह्मवती आयु 45 वर्ष दूध लाने के लिए घर से निकली थी। ब्रह्मवती घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित कालू के डेरे पर जा रही थी। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी उसके सामने आ खड़ा हुआ। हाथी ने महिला को चपेट मे ले लिया और पटक दिया। हाथी द्वारा किये गए इस हमले मे ब्रह्मवती गंभीर रूप से घायल हो गयी और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब दूध लेने जा रही एक महिला पर जंगली हाथी ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर रोष व्यक्त किया है।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार दस्तक से लोग अब घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी जताई है। ग्रामीणो का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम और पुलिस प्रशासन काफी देर से पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार घटना की सूचना दिए जाने के करीब 2 घंटे बाद वन विभाग की टीम और भागूवाला चौकी प्रभारी संजय सिंह मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही एक गंभीर समस्या बन चुकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने मृतका के परिवार के लिए मुआवजे और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

