उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर से स्वास्थ्य विभाग मे व्याप्त अव्यवस्थाओं व डॉक्टरों की कार्यशैली से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आज गुरुवार को 'आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन' के बैनर तले कलक्ट्रेट परिसर मे एकत्र हुई सैकड़ो आशा कार्यकर्ताओं ने डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने डॉक्टरों पर मरीजों और आशा बहुओं के मानसिक व शारीरिक शोषण का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि बीती 19 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर में एक नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस शिविर के दौरान डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने आयी महिलाओं के साथ बेहद शर्मनाक दुर्व्यवहार किया और मारपीट भी की गई। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉक्टर ने महिलाओं के प्रति ऐसे आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें भारी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन मे सीएचसी हल्दौर के डा0 जितेंद्र और डा0 राजीव द्विवेदी पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन मे बताया कि नसबंदी प्रक्रिया के दौरान इन डॉक्टरों ने ऑपरेशन थिएटर के भीतर बाहरी पुरुषों को बुलाया। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि डॉक्टरों ने 'एसी उतारने' का बहाना बनाकर ओटी के अंदर बाहरी पुरुषों को प्रवेश दिया, जिससे वहां मौजूद महिला लाभार्थियों का भारी मानसिक शोषण हुआ। इसके साथ ही शिविर में ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें सीएचसी पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने इस ज्ञापन की प्रतियां देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी हैं। उन्होंने मांग की है कि आशा बहुओं और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली महिला लाभार्थियों का शारीरिक व मानसिक शोषण तुरंत बंद किया जाए। सीएचसी हल्दौर की बदहाल व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। आशा बहुओ ने आरोपी डा0 जितेंद्र और डा0 राजीव द्विवेदी को उनके पदों से तुरंत हटाए जाने व उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की भी मांग की है।
कलेक्ट्रेट पर हुए इस विशाल प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुमन, उमा, सुदेश, अर्चना, मिथिलेश, तबस्सुम, पंकज देवी, पुष्पा देवी, रश्मि, नीता देवी, कविता, विनोद, सरिता, पूनम, राखी, वसीम, रेखा, सोनिका, सीता, शीतल, गीता शर्मा, रीना, नसरीन, ममता चौधरी, लोकेश, नीतू शर्मा सहित जिले भर की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता एकजुट रहीं और अपनी आवाज बुलंद की।
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