उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत से बिजली विभाग की लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला प्रकाश मे आया है। यहाँ कलेक्ट्रेट परिसर के पास लाइन रिपेयर करने गए 35 वर्षीय संविदाकर्मी की करंट की चपेट मे आकर मौत हो गयी। इतना ही नही करंट लगकर नीचे गिरे तड़प रहे संविदाकर्मी को अस्पताल ले जाने के लिए विभाग ने अपनी गाड़ी भी नही दी। इस पूरे घटनाक्रम से उपजे भारी जनाक्रोश को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए जूनियर इंजीनियर और एक सरकारी लाइनमैन को तकाल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मदीनशाह निवासी विजय राठौर आयु 35 वर्ष बिजली विभाग मे संविदाकर्मी के पद पर तैनात थे। कल मंगलवार की दोपहर करीब 3 बजे विजय राठौर कलेक्ट्रेटस्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के पास हुई एक बिजली की खराबी को सही करने गए थे। वे फाल्ट सही करने के लिए खम्भे पर चढ़े ही थे कि तेज करंट की चपेट मे आकर नीचे आ गिरे। प्रत्यक्षदर्शियो के अनुसार हादसे के बाद विजय काफी देर तक मौके पर ही तड़पते रहे। आरोप है कि घटना स्थल पर बिजली विभाग का सरकारी वाहन मौजूद था, लेकिन संवेदनहीनता की हद पार करते हुए विभाग के लोगों ने घायल विजय को अस्पताल पहुंचाने के लिए गाड़ी देने से साफ इनकार कर दिया। बाद में स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस बुलाई, जिसके जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आज बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के परिजनों और साथी संविदा बिजलीकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में जुटे बिजलीकर्मियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि विजय को बिना किसी सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) के जबरन खंभे पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था, जो कि सीधे-सीधे हत्या का मामला है।
हंगामे और बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार द्वारा बैठाई गई शुरुआती जांच में अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई। शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियंता ने जेई राजकुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले लाइनमैन ज्ञानेंद्र को अधिशासी अभियंता ने सस्पेंड कर दिया है।
अधिशासी अभियंता आशीष यादव ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच अभी भी जारी है, और जो भी अन्य लोग इसमें दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

