जिला अमरोहा के बछरायूं थाना क्षेत्र से दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता का उत्पीड़न व जबरन गर्भपात कराये जाने का मामला प्रकाश मे आया है। इस मामले मे पीड़िता की पिता द्वारा की गयी तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति समेत 7 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित किया गया और उसकी हालत गंभीर होने पर भी ससुराल पक्ष के किसी सदस्य ने कोई मदद नही की।
थाना क्षेत्र के गाँव चौखट निवासी अवरीश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री रोशन जहाँ का निकाह करीब एक वर्ष पूर्व बछरायूं के मोहल्ला बकाबाद निवासी रिजवान उर्फ रिहान के साथ किया था। परिजनों का कहना है कि निकाह के समय उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार पर्याप्त दान-दहेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें समाप्त नहीं हुईं। शिकायत के अनुसार निकाह के कुछ समय बाद पति, सास, ससुर, ननद, देवर और नंदोई ने मिलकर विवाहिता पर मायके से पांच लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि ये मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट करते हुए मानसिक रूप से उत्पीड़न किया जाने गए।
पीड़िता के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी को जबरन दवा खिलाई गई, जिससे उसका लगभग तीन माह का गर्भ गिर गया। आरोप है कि इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और वर्तमान में वह मेरठ के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। उसके उपचार का सारा खर्च भी मायके पक्ष द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि घटना के बाद से ससुराल पक्ष का कोई सदस्य पीड़िता का हालचाल जानने भी अस्पताल नहीं पहुंचा है। पीड़िता के ससुराल पक्ष द्वारा दूसरी शादी करने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बछरायूं पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पति रिजवान उर्फ रिहान, सास बैरुन, ससुर रहीस, ननद मुस्कान व गुलिस्ता, देवर फैशल तथा नंदोई अमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी कुलदीप तोमर ने बताया कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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