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शनिवार, जून 20, 2026

धामपुर/बिजनौर - नासिर बाबा मजार मार्ग विवाद पर गरमाई सियासत, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अधिकारियों से मांगा जवाब

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कल शुक्रवार की देर शाम धामपुर क्षेत्र मे स्थित नासिर बाबा की मजार को जाने वाले रास्ते पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रास्ते पर बने निर्माण को हटाए जाने के बाद अब मामला प्रशासनिक कार्रवाई से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।


पाठको को बताना उचित होगा कि कल शुक्रवार देर शाम राजस्व और पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कालागढ़ रोड किनारे स्थित मजार मार्ग पर बने अवरोध को हटाया था। प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई सार्वजनिक रास्ते को बाधामुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि कार्रवाई के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।


इस कार्रवाई के दौरान सांसद प्रतिनिधि विवेक कुमार सेन और धामपुर क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार चतुर्वेदी के बीच  काफी तीखी नोकझोंक हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मामले को गंभीरता से लिया और आजु शनिवार को अपने आवास पर संबंधित अधिकारियों को तलब कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। बैठक के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बिना पूर्व सूचना और नोटिस कार्रवाई किए जाने को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। सांसद ने यह भी नाराजगी जताई कि उनके मौके पर पहुंचने की सूचना के बावजूद कार्रवाई रात में ही कर दी गई।


सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान एक अधिकारी ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया, जबकि अन्य अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर सांसद के सवालों का जवाब देते रहे। सांसद की नाराजगी के बाद राजस्व विभाग की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और विवादित भूमि की दोबारा पैमाइश कराई। क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और स्थानीय लोग प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।


मामले ने तब और राजनीतिक रंग पकड़ लिया जब समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी तहसील पहुंच गया। पूर्व मंत्री नईम उल हसन के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के पालन की मांग की। संभावित तनाव को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।


एसडीएम धामपुर ने बताया कि मार्च 2026 में स्थानीय निवासियों द्वारा जिलाधिकारी और तहसील प्रशासन को शिकायत दी गई थी, जिसमें रास्ते और आसपास की भूमि की जांच की मांग की गई थी। शिकायत में मजार से संबंधित भूमि के निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक कब्जे का आरोप लगाया गया था। एसडीएम के अनुसार जांच के लिए गठित राजस्व टीम ने कई बार पैमाइश की। जांच में कुछ बिंदुओं पर आपत्ति मिलने के बाद संबंधित लोगों को जानकारी दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजार या जियारत स्थल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल सार्वजनिक मार्ग पर लगाए गए सीमेंट के पिलरों को हटाने तक सीमित रही। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने रास्ते को बाधामुक्त कराने के लिए यह कदम उठाया। फिलहाल मामला प्रशासनिक जांच और राजनीतिक बहस दोनों के केंद्र में बना हुआ है। क्षेत्र के लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि दोबारा पैमाइश और जांच के बाद प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है।

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