बहसूमा/जिला मेरठ - प्रेम प्रसंग मे बाधा बन रहे 7 वर्षीय पुत्र की हत्यारोपी माँ गिरफ्तार, प्रेमी बैंक मैनेजर के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

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शुक्रवार, जून 19, 2026

बहसूमा/जिला मेरठ - प्रेम प्रसंग मे बाधा बन रहे 7 वर्षीय पुत्र की हत्यारोपी माँ गिरफ्तार, प्रेमी बैंक मैनेजर के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम

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जिला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र से माँ -बेटे के ममता भरे रिश्ते को कलंकित करने वाली एक घटना प्रकाश मे आयी है। यहाँ एक कलियुगी माँ ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने 7 वर्षीय पुत्र की बेरहमी से हत्या करा दी। पुलिस ने इस मामले मे मुख्य आरोपी रहे महिला को प्रेमी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आज शुक्रवार को पुलिस ने साजिशकर्ता माँ को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


उक्त मामले की जाँच मे जुटी पुलिस के सामने आये तथ्यो ने सभी को चौंका दिया है। बताया गया कि बहसूमा थाना क्षेत्र निवासी गुरप्रीत का बैंक प्रबंधक अर्पित पाराशर के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसके साथ शादी करना चाहती थी। गुरप्रीत का पति गुरसेवक इस समय सऊदी मे रहकर काम कर रहा है। गुरप्रीत ने अपने प्रेमी के साथ जाने का पक्का इरादा बना लिया था और अपने पति से तलाक की मांग भी की थी। इस सबके साथ ही उसका 7 वर्षीय पुत्र भी प्रेम प्रसंग मे बाधा बन रहा था। गुरप्रीत को डर था कि उसे अपने बेटे को भी साथ रखना पड़ेगा और उसकी जिंदगी मे दिक्क्त आएगी।


पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ मे गुरप्रीत ने बताया कि गत 14 जून की रात उसने अपने प्रेमी अर्पित पराशर को मिलने के लिए घर बुलाया था। दोनो प्रेमालाप मे लगे थे कि इसी दौरान अचानक ही उसका बेटा अंगदवीर जाग गया और दोनो को आपत्तिजनक स्थिति मे देख लिया। गुरप्रीत ने बताया कि इसके बाद से उसे डर लगने लगा था कि अंगदवीर इस बारे मे अपने पिता और दादी को न बता दे। इसी डर से मुक्ति पाने के लिए उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की हत्या करने की खौफनाक साजिश रच डाली।


योजना के अनुसार गत 16 जून को गुरप्रीत ने चॉकलेट का लालच देकर अंगदवीर को अपने प्रेमी अर्पित के साथ भेज दिया। अर्पित कार मे बैठाकर अंगदवीर को जंगल की ओर ले गया और उसकी हत्या कर दी। गुरप्रीत को पूरी तरह पता था कि अर्पित उसके बेटे की हत्या करने ले जा रहा है। वारदात के दौरान और हत्या करने के बाद भी दोनों लगातार फोन, चैट और वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। इसके बाद गुरप्रीत ने अंगदवीर की गुमशुदगी भी थाने मे दर्ज कराई थी। पुलिस को इसी दौरान इस खौफनाक साजिश के कुछ सुराग मिले और अर्पित पाराशर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


अर्पित के जेल जाने के बाद गुरप्रीत ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल से सारी कॉल डिटेल्स और मैसेज डिलीट कर दिए थे, लेकिन पुलिस की टेक्निकल टीम ने सारा डेटा रिकवर कर दोनों के गुनाह का पर्दाफाश कर दिया। 16 जून को जब अंगदवीर के लापता होने की खबर फैली, तो गुरप्रीत सबके सामने एक अच्छी मां होने का ढोंग करती रही। वह पड़ोसियों और रिश्तेदारों के गले लग-लगकर रोती-बिलखती रही ताकि किसी को उस पर शक न हो। इसी दौरान किसी ने गुरप्रीत को बताया कि पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें एक वैगनआर कार दिख रही है और पुलिस कार नंबर से उसके मालिक (अर्पित) को पकड़ने जा रही है, यह सुनते ही गुरप्रीत के होश उड़ गए और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। उसे समझ आ गया था कि अब उसका पाप छिपने वाला नहीं है।


एसपी देहात अभिजीत कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बहसूमा में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद सर्विलांस, स्वाट और पुलिस की 4 टीमें गठित की गई थीं। शक के आधार पर अर्पित शर्मा को हिरासत में लिया गया, जिसने कुबूल किया कि उसने जंगल में ले जाकर बच्चे की गला रेतकर हत्या की है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि बच्चे की मां गुरप्रीत भी इस साजिश में पूरी तरह शामिल थी। मोबाइल से मिले पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मां को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

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