बिजनौर पुलिस ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) बुकिंग के नाम पर देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 'एसवाई-वज्र' अभियान के तहत की है। इस मामले का खुलासा गुरुवार शाम पुलिस जिला पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट के माध्यम से किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बुकिंग की फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन भुगतान कराता था। इस मामले मे राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दिल्ली, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर सहित 15 राज्यों से कुल 29 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस बिजनौर से संचालित इस गिरोह तक पहुंची।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में मुख्य आरोपी तुषार शर्मा और अरशद ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर गोडैडी से डोमेन और होस्टिंग खरीदकर बुकएचएसआरपीडॉटकॉम व बुकमाईएचएसआरपी नाम से फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं। इन वेबसाइटों का डिजाइन परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता बनाया गया था, जिससे आम लोग आसानी से धोखे का शिकार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार वेबसाइटों की कोडिंग, डिजाइनिंग और तकनीकी तैयारियों में आधुनिक ऑनलाइन एआई टूल्स, जिनमें चैटजीपीटी जैसे संसाधनों का भी उपयोग किया गया, ताकि वेबसाइट पूरी तरह वास्तविक सरकारी पोर्टल जैसी दिखाई दे।
ये गिरोह वेबसाइट पर नंबर प्लेट बुक कराने लोगोन हेतु करने वाले वाहन मालिकों से एचएसआरपी बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराता था। ठगी की ये रकम आरोपी मोहित कुमार, अनस, प्रशांत कुमार और मोहम्मद फैजान के बैंक खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद सभी आरोपी रकम का आपस में बंटवारा कर लेते थे और जिन बैंक खातों का उपयोग किया जाता था उनके धारकों को कमीशन दिया जाता था।
इस मामले में नूरपुर थाना पुलिस ने कल 8 जुलाई को भारतीय न्याय संहिताऔर आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस ने इस मामले मे अनस पुत्र आफ़ताब, तुषार शर्मा पुत्र देवदत्त शर्मा, अरशद व रेहान पुत्रगण इरशाद, मोहम्मद फैजान पुत्र मोहम्मद नसीम निवासीगण नूरपुर के साथ ही प्रशांत कुमार पुत्र जबर सिंह, निवासी स्योहारा और मोहित कुमार पुत्र प्रेम सिंह, निवासी कांठ, जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 12,300 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है।
पुलिस द्वारा की गयी जांच के दौरान पता लगा कि आरोपी तुषार शर्मा और प्रशांत कुमार के खिलाफ पहले ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक नेटवर्क और साइबर अपराधों से जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है।
सीओ चांदपुर देशदीपक सिंह ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। साथ ही फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से की गई कुल ठगी की रकम, अन्य बैंक खातों और पीड़ितों की वास्तविक संख्या का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस साइबर नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

