जिला बिजनौर के हल्दौर थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला प्रकाश मे आया है। थाना क्षेत्र निवासी एक विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक से की गयी शिकायत मे पति व ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यो पर दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाया है। हल्दौर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पीड़िता के पति समेत ससुराल पक्ष के 4 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकरी के अनुसार थाना क्षेत्र निवासी राधा की शादी गत 19 फरवरी 2026 को नरोत्तम पुत्र रामसेवक, निवासी ग्राम लोदीपुरा नायक, रामपुर के साथ हुई थी। पीड़िता का कहना है कि शादी के समय उसके परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। आरोप है कि इस सबके बाद भी उसके ससुराल पक्ष वाले संतुष्ट नही थे और शादी के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी थी। पीड़िता के अनुसार उसके पति नरोत्तम, सास व ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य दहेज मे एक बाइक और दो लाख रूपये नकद लाने का दबाब बना रहे थे। आरोप है कि इस मांग के पूरा न होने पर उसके साथ गाली गलौज व मारपीट की जाती थी।
विवाहिता ने आरोप लगाया कि गत 12 मई 2026 को ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद उसने हल्दौर थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नही की। इसके बाद 3 सितंबर को ससुराल पक्ष के लोग उसके मायके पहुंचे। आरोप है कि वहां भी उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस दौरान उसे धमकी दी गई कि दहेज मे मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये न लाने पर नरोत्तम की दूसरी शादी करा दी जाएगी।
इस दौरान हुआ शोर शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और विवाहिता को बचाया। मारपीट में उसके चोट लगने की बात भी शिकायत में कही गई है। घटना के बाद राधा ने उसी दिन दोबारा हल्दौर थाने में शिकायत की मगर आरोपियो के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गयी। थाना स्तर से कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हल्दौर पुलिस ने पति समेत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष विजेंद्र राठी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रविवार को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है।
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