जिला बदायूँ के जरीफनगर थाना क्षेत्र से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कराने के नाम पर वसूली किये जाने का मामला सामने आया है। इस मामले मे प्राप्त शिकायत के आधार पर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस विभाग की गोपनीय सूचनाओं और तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग किया जा रहा था।
उक्त मामला थाना क्षेत्र एक गाँव रामपुर टप्पा वैश्य से जुड़ा है। गांव निवासी हरीश बाबू उर्फ हीरा सिंह ने पुलिस को दी गयी शिकायत में बताया कि पिछले महीने उनका मोबाइल कहीं गुम हो गया था। उन्होंने इस मामले की शिकायत पड़रिया गांव स्थित प्रेमपाल उर्फ बंटी के जनसेवा केंद्र से कराई थी।
शिकायत के मुताबिक कुछ समय बाद प्रेमपाल उनके घर पहुंचा और बताया कि गम हुआ मोबाइल फोन मिल गया है। आरोप है कि मोबाइल लौटाने के बदले उसने खर्च के नाम पर पैसे की मांग की। हरीश बाबू का कहना है कि इस बारे मे अधिक जानकारी करने पर प्रेमपाल ने बताया कि थाना जरीफनगर तैनात एक हेड कांस्टेबल जावेद उसे गुप्त जानकारी और पासवर्ड देते है। इसी जानकारी के आधार पर गुम या चोरी हुए मोबाइल में इस्तेमाल किए जा रहे नंबर और उसके उपयोगकर्ता का पता लगाया जाता था। इसके बाद प्रेमपाल और और मालपुर ततैरा निवासी उसका साथी रंजीत गम हुआ मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों से संपर्क करते थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों खुद को पुलिसकर्मी बताकर मोबाइल रखने वाले लोगों को मुकदमा दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाते थे। इसके बाद पीड़ित को मोबाइल वापस करने के बदले रकम की मांग की जाती थी।
हरीश बाबू के अनुसार उनका गम हुआ मोबाइल लौटाने के बदले प्रेमपाल ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। उन्होंने खुद को गरीब किसान बताते हुए इतनी रकम देने में असमर्थता जताई। इसके बाद रकम कम करने को लेकर बातचीत हुई। शिकायत के मुताबिक गत 4 सितंबर 2026 को प्रेमपाल उर्फ बंटी और रंजीत ने पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर हरीश बाबू से चार हजार रुपये ले लिए और मोबाइल फोन वापस कर दिया गया।
हरीश बाबू द्वारा की गयी शिकायत में तीनों आरोपियों के बीच कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। उनका दावा है कि मोबाइल बरामद कराने के नाम पर जुटाई गई रकम आपस में बांटी जाती थी। आरोप के अनुसार, हेड कांस्टेबल जावेद को कथित रूप से रकम का 50 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था, जबकि बाकी राशि प्रेमपाल और रंजीत के बीच बांटी जाती थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर हेड कांस्टेबल जावेद, प्रेमपाल उर्फ बंटी और रंजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी और फिलहाल सभी आरोपों को शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोप के रूप में देखा जा रहा है।
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