आज गुरुवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आंदोलन के तीसरे चरण के दौरान सीएचसी, पीएचसी व एडिशन पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्टों ने प्रारम्भिक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। फार्मासिस्टों के इस कार्य बहिष्कार के दौरान मरीजों को दवाओं के लिये भटकना पडा।
पाठको को बताना उचित होगा कि बीस सूत्रीय माँगों को लेकर फार्मासिस्टों द्वारा किये जा रहे आदोंलन के प्रथम चरण में जनपद भर के फार्मासिस्टों ने दिनांक 04 दिसम्बर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुँचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सीएमओ को सौंपा था। इस ज्ञापन में पद योग्यता के आधार पर फार्मासिस्टों का वेतनमान तकनीकी डिप्लोमाधारी पद धारकों के समकक्ष करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्टों को प्रदान किये जाना वाला प्रभार भत्ता रुपए 75 से बढाकर रूपये 750 करने, फार्मासिस्टों को कुछ सीमित उपचार हेतु औषधियों का नुस्खा लिखने का अधिकार देना सहित 20 कुल बीस माँगें की गई थीं। आंदोलन के दूसरे चरण में सभी फार्मासिस्टों ने 05 से 08 दिसम्बर तक काली पट्टी बाँध कर कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया था। आज से प्रारम्भ हुए आंदोलन के तीसरे चरण में 9 दिसम्बर से 16 दिसम्बर तक कार्य दिवस के प्रारम्भिक दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जायेगा।
इस क्रम में आज प्रथम दिन सीएचसी, पीएचसी व एडिशन पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट अनुराग कुमार, संजीव शर्मा, सिद्धार्थ राजपूत, सुजाउद्दीन अंसारी, दीपक चौहान, अनिल कुमार ने प्रारम्भिक दो घंटे कार्य बहिष्कार कर सीएचसी परिसर में घरना दिया। इस दौरान मरीज दवाई के लिये इधर-उधर भटकते रहे। इस अवसर पर अनुराग कुमार ने कहा कि यदि सरकार फार्मासिस्टों की समस्याओं पर विचार नहीं करती तो वे प्रांतीय आह्वान पर 17 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक पूर्ण कार्य बहिस्कार करेंगे। वहीं माँगे न माने जाने पर 20 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेगें। इस दौरान आकस्मिक सेवाएं भी बंद रहेगी।
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