उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक हिन्दू युवती व मुस्लिम युवक की शादी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदूवादी संगठनों के कड़े विरोध और 'लव जिहाद' के आरोपों के बीच दोनों परिवारों ने फ़िलहाल शादी को टाल दिया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक निजी बैंक मे कार्यरत आकांक्षा और निजी अस्पताल का प्रबंधक शाहवेज राणा पड़ोसी हैं और दोनों के परिवार एक-दूसरे को वर्षो से जानते हैं। इसी जान पहचान के बीच आकांक्षा व शाहवेज राणा के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया और अब दोनो ने शादी करने का फैसला किया है। इस शादी के लिए न्होंने बाकायदा स्पेशल मैरिज एक्ट (1954) के तहत आवेदन किया था। जनवरी 2026 में एलआईयू (LIU) की रिपोर्ट मिलने के बाद ही शादी की तारीख तय की गई थी। युवती का आरोप है कि उसके चाचा संपत्ति विवाद के चलते इस शादी को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। प्राइवेट बैंक में कार्यरत आकांक्षा गौतम ने स्पष्ट किया है कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी कर रही हैं। उन्होंने खुद को 'अंबेडकरवादी' और बौद्ध धर्म का अनुयायी बताते हुए कहा कि यह शादी बौद्ध रीति-रिवाजों से होनी थी। उन्होंने हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं सनातनी नहीं हूं, तो ये संगठन मेरी शादी रोकने वाले कौन होते हैं?"
दूसरी ओर, आकांक्षा के चाचा ने शाहवेज पर धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए मेरठ के गंगानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही का दावा है कि यह 'लव जिहाद' का मामला है और वे हिंदू बेटियों की सुरक्षा के लिए इस शादी का विरोध जारी रखेंगे।
आज यानी 13 फरवरी को होने वाली आकांक्षा गौतम और शाहवेज राना की शादी के विरोध में हिंदू संगठनों ने महापंचायत बुलाई थी। हालांकि, स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। साथ ही, डासना मंदिर के यति नरसिंहानंद गिरी को भी निगरानी में रखा गया है ताकि वे मेरठ की महापंचायत में शामिल न हो सकें।
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