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बुधवार, मार्च 11, 2026

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश - अस्पताल मे मृत घोषित की गयी महिला हुई जिन्दा, सड़क के एक गड्ढे ने लौटाया जीवन

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'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में ये पुरानी कहावत उस समय सच साबित होती दिखाई दी जब मृत घोषित की गयी एक महिला को सड़क के एक गहरे गड्ढे के कारण फिर से जीवनदान मिल गया। यहाँ बरेली के एक बड़े अस्पताल द्वारा 'ब्रेन डेड' घोषित की जा चुकी महिला की सांसें एम्बुलेंस को लगे एक जोरदार झटके से वापस लौट आईं। आठ दिनों के उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निवासी विनीता शुक्ला जिला न्यायालय में लिपिक के पद पर कार्यरत है। विनीता शुक्ला गत 22 फरवरी को अचानक बेहोश होकर गिर गई थीं। उनके पति कुलदीप शुक्ला ने उन्हें तत्काल बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिनों तक चले उपचार के बाद 24 फरवरी को चिकित्सकों ने विनीता को 'ब्रेन डेड' घोषित करते हुए परिजनों को शव घर ले जाने की सलाह देते हुए वेंटिलेटर से हटा दिया। डॉक्टरों के जवाब देने के बाद परिजन विनीता को एम्बुलेंस से वापस पीलीभीत ला रहे थे। घर में मातम पसरा था और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। पुवायां समेत अन्य स्थानों से रिश्तेदार भी घर पहुंच चुके थे। हर तरफ रोना-बिलखना लगा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।


बरेली-पीलीभीत मार्ग पर हाफिजगंज के पास एम्बुलेंस का पहिया अचानक सड़क के एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। इस गड्ढे के कारण गाड़ी को इतना जोरदार झटका लगा कि स्ट्रेचर पर लेटी विनीता शुक्ला के शरीर में हलचल हुई और उनकी रुकी हुई सांसें अचानक चलने लगीं। विनीता शुक्ला के पति कुलदीप शुक्ला ने बताया कि जैसे ही एम्बुलेंस गड्ढे में कूदी, विनीता के शरीर में हरकत हुई। हमने देखा कि उनकी सांसें लौट आई हैं। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।


सांसें लौटने के तुरंत बाद परिजन उन्हें पीलीभीत के एक निजी अस्पताल ले गए। वहाँ न्यूरो चिकित्सक की देखरेख में विनीता का करीब आठ दिनों तक सघन उपचार चला। अब विनीता पूरी तरह स्वस्थ हैं और सुरक्षित अपने घर लौट आई हैं। जहाँ कुछ दिन पहले मातम का माहौल था, वहाँ अब खुशियां मनाई जा रही हैं। लोग इसे भगवान का आशीर्वाद और 'मौत के मुंह' से वापसी मान रहे हैं।

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