जिला बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र से झूठी शान की खातिर हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ बहन के प्रेम विवाह से नाराज भाइयों ने अपने ही जीजा को रास्ते से हटाने के लिए अगवा कर चलती ट्रेन के आगे धक्का दे दिया। हत्यारों ने इसे 'हादसा' दिखाने की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस ने महज़ चार दिनों मे इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पाठको को बताना उचित होगा कि गत 30 अप्रैल की सुबह थाना क्षेत्र के महमूदपुर रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। मृतक की पहचान गुलशन के रूप में हुई थी। गुलशन देहरादून में सैलून का काम करता था। इस मामले मे मृतक के पिता नृपेन्द्र सिंह ने हत्या की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी थी, हालाँकि पुलिस इस घटना को एक हादसा मानकर चल रही थी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे सब स्पष्ट होता गया। पुलिस ने आज सोमवार को इस मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी अतर सिंह और उसके दो दोस्तों, पुष्पेंद्र व रजनीश को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में मुख्य आरोपी अतर सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसकी बहन और गुलशन के बीच पिछले 3-4 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, इस सबके बावजूद दोनों ने घर से भागकर गत 20 जनवरी को कोर्ट मैरिज कर ली थी। अतर सिंह के अनुसार इस घटना से उनके परिवार की प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंची थी। इसी 'बदनामी' का बदला लेने के लिए उसने अपने भाई पंकज के साथ मिलकर गुलशन की हत्या का खौफनाक योजना बनाई।
घटना से करीब 15 दिन पूर्व गुलशन काम के सिलसिले में देहरादून गया था। 29 अप्रैल को वापस आने पर आरोपियों ने उसकी रेकी शुरू कर दी थी। मौका मिलते ही आरोपियो ने उसे जबरन बाइक पर बैठाकर अगवा कर लिया और महमूदपुर रेलवे लाइन पर ले जाकर ट्रेन आती देख उसे पटरी पर धक्का दे दिया। इस घटना मे गुलशन की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रभारी निरीक्षक स्योहारा संजय कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में अतर सिंह के भाई पंकज और उसके दोस्तों की सक्रिय भूमिका रही है । मृतक के साले अतर सिंह व हत्याकांड मे शामिल रहे उसके दो दोस्तो पुष्पेंद्र व रजनीश को गिरफ्तार कर लिया गया है। अतर सिंह का भाई पंकज फिलहाल फरार है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने इस हत्या को आत्महत्या या हादसे का रूप देने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा हो गया। फिलहाल तीन आरोपी जेल भेज दिए गए हैं और फरार आरोपी पंकज की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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