आज सोमवार की सुबह जिला मुरादाबाद के रामपुर दोराहा क्षेत्र में स्थित एक्सपोर्ट फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। धुएं का विशाल गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाके को एहतियातन खाली कराया गया और अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी बुलाया गया। करीब चार घंटे तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद दोपहर लगभग 3 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
पाठको को बताना उचित होगा कि रामपुर दोराहा स्थित आरएच इंटरनेशनल नामक एक्सपोर्ट फर्म में लकड़ी, कांच और अन्य सजावटी उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस एक्सपोर्ट फर्म के मालिक का नाम तस्लीम बताया गया है। यहां निर्मित सामान को मुख्य रूप से अमेरिका और मध्य-पूर्व के कई देशों में निर्यात किया जाता है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी, पैकिंग सामग्री और अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद होने के कारण आग ने कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और फैक्ट्री कर्मचारियों के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे सबसे पहले इमारत की ऊपरी मंजिल से धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने शुरुआत में अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में निचले हिस्से से भी धुआं और तेज लपटें निकलने लगी।
आग इतनी तेजी से फैलती गई कि कुछ ही समय में फैक्ट्री का अधिकांश हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। प्रारंभिक आशंका है कि शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी ने इस आग को जन्म दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
स्थिति बिगड़ते देख फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत अलार्म बजाया और परिसर में मौजूद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते कर्मचारियों की निकासी होने से किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बना लिया और लोगों को फैक्ट्री के आसपास जाने से रोका ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। आग की भयावहता को देखते हुए केवल स्थानीय दमकल संसाधन पर्याप्त नहीं थे। इसके बाद आसपास के विभिन्न फायर स्टेशनों से अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। कुल 15 से अधिक फायर टेंडरों ने कई घंटों तक पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका। टीमों ने फैक्ट्री के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया।
करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद दोपहर लगभग 3 बजे दमकल विभाग आग को नियंत्रित करने में सफल रहा। इसके बाद भी काफी देर तक कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया, ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका समाप्त हो सके।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री में लगी आग इतनी विकराल थी कि हालात पर काबू पाने के लिए रामपुर से भी दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में थिनर, पेंट, केमिकल और सूखी लकड़ी का सामान रखा हुआ था, जिसके चलते आग ने देखते ही देखते तेजी से विकराल रूप ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए कुल 15 फायर टेंडर और करीब 30 फायर फाइटर्स की टीम को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने लगभग तीन घंटे तक लगातार मशक्कत की, जिसके बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सका। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी का सामान और ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के चलते आग बार-बार भड़कने का खतरा बना रहा, जिसके कारण फायर टीम को बेहद सतर्कता के साथ अभियान चलाना पड़ा।
फिलहाल फैक्ट्री में हुए आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मशीनरी, तैयार माल और कच्चे माल को भारी क्षति पहुंची है, हालांकि नुकसान की आधिकारिक रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। दमकल विभाग और संबंधित अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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