जिला बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र मे घटित एक घटना को लेकर पुलिस द्वारा की गयी त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने ला दिया है। नहटौर पुलिस ने घर से निकलकर रास्ता भटकी मासूम को सुरक्षा प्रदान की और कुछ ही घंटो मे सकुशल उसके परिजनो से मिला दिया। नहटौर पुलिस द्वारा की गयी इस "क्विक रिस्पॉन्स" कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज रविवार की शाम लगभग 5 बजे थाना क्षेत्र के ग्राम आकू निवासियो ने एक 8 वर्षीय बच्ची को बदहवास हालत मे रोते हुए घूमते देखा। ग्रामीणो ने तुरंत ही पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना पर तत्काल पहुँची नहटौर पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम खुशी और हल्दौर का रहने वाला बताया। डर और घबराहट के कारण वह अपने माता-पिता का नाम स्पष्ट नही बता पा रही थी।
पुलिस ने बिना समय गंवाए सोशल मीडिया पर बच्ची की फोटो वायरल की और आसपास के थानों (विशेषकर हल्दौर पुलिस) से संपर्क साधा। कड़ी मशक्कत के बाद पता चला कि बच्ची की माँ ओमवती देवी पत्नी मोनू कुमार निवासी ग्राम अल्लाह वाला, थाना क्षेत्र हल्दौर अपनी बेटी को घर पर अकेला छोड़कर पास के गांव बलदेवता में दवाई लेने गई थीं। इसी बीच मासूम खुशी खेल-खेल में घर से बाहर निकल गई और रास्ता भटक कर नहटौर थाना क्षेत्र तक पहुँच गई।
नहटौर पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रविवार देर शाम खुशी को उसकी माँ ओमवती देवी के सुपुर्द कर दिया। अपनी लाड़ली को सुरक्षित देख माँ की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इस अवसर पर ओमवती देवी ने कहा कि पुलिस ने जिस तरह मेरी बेटी को सुरक्षित रखा और हमें ढूंढ निकाला, उसके लिए मैं उम्र भर उनकी आभारी रहूंगी। हमारे लिए पुलिस आज भगवान का रूप बनकर आई है।
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