जिला बरेली की मीरपुर थाना पुलिस ने गत वर्ष संदिग्ध परिस्तिथियो मे हुई किसान की मौत के मामले मे चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस द्वारा की गयी गहन जाँच के दौरान पिता की मौत पर आंसू बहाने वाला बेटा ही उसका कातिल निकला। पुलिस ने कलियुगी पुत्र को गिरफ्तार कर सुसंगत धाराओ मे चालान कर जेल भेज दिया है।
पाठको को बताना उचित होगा कि 22 अक्टूबर 2025 को थाना क्षेत्र के गाँव खमरिया आजमपुर निवासी किसान बाबू सिंह का शव संदिग्ध परिस्तिथियो मे गाँव के पास एक पेड़ के सहारे फंदे पर लटका हुआ मिला था। प्रथम दृष्ट्या ये मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस को जाँच के दौरान मृतक के हाथ बंधे मिलने पर संदेह हुआ था और अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी थी।
मीरगंज पुलिस ने करीब 6 माह तक की गयी सघन जांच और साक्ष्य संकलन के बाद आज शुक्रवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मृतक के पुत्र कुलदीप आयु 34 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा सख्ती से की गयी पूछताछ मे कुलदीप टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में आरोपी कुलदीप ने बताया कि उसका अपने पिता बाबू सिंह से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिता उसकी सहमति के बिना जमीन बेच रहे थे। इसको लेकर अक्सर दोनो के बीच तीखी नोंकझोंक होती रहती थी। आरोपी ने खुलासा किया कि दीपावली से कुछ दिन पहले उसका पिता से विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान उसने पिता के हाथ बांध दिए और गला दबाकर हत्या कर दी। मामले को रफा-दफा करने के लिए उसने शव को कपड़े के सहारे पेड़ से लटका दिया ताकि लोग इसे आत्महत्या समझें। हालांकि, हड़बड़ी में वह पिता के हाथ खोलना भूल गया, जो उसकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण बना।
प्रभारी निरीक्षक मीरगंज ने बताया कि मृतक के हाथ बंधे होना ही हमारे लिए सबसे बड़ा संदेह का कारण था। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
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