
जयपुर। युवा राष्ट्र निर्माता है, उन्हें अपने ज्ञान का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करना चाहिए। ये बात उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में सम्बोधित करते हुए कही है। उन्होंने युवाओं से अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और नवाचार के माध्यम से देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने का आह्वान किया है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय वर्ष 1947 से 'सर्विस टू सोसायटी' के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। जिस समाज और देश ने हमें योग्य बनाया, उसे कृतज्ञता के साथ उसका हिस्सा लौटाना।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत@1947' में अपना योगदान देने के लिए काम मांगने वाले के बजाय रोजगार प्रदाता बनें, उद्यम शुरू करें, इनोवेशन करें, आविष्कार करें, अर्थव्यवस्था और भारतीय ज्ञान परम्परा को नए आयाम दें।
उन्होंने युवाओं को अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने और विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान का उपयोग राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में करने का आह्वान किया।
उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं का समाज की भलाई में सार्थक योगदान देने, करुणा बनाए रखने, विविधता का सम्मान करने, ड्रग्स से दूर रहने और सोशल मीडिया का रचनात्मक रूप से उपयोग करने का आह्वान किया।

अच्छा जीवन जीना है तो ईमानदारी, नैतिकता के साथ चरित्र और राष्ट्रप्रेम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए: बागडे
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय कभी राजपूताना विश्वविद्यालय से जाना जाता था। इसका जो ध्येय वाक्य है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। इस ध्येय वाक्य का मूल है, धर्म ही पूरे विश्व का आधार है। उन्होंने कहा कि अच्छा जीवन जीना है तो ईमानदारी, नैतिकता के साथ चरित्र और राष्ट्रप्रेम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
PC:dipr.rajasthan
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