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शुक्रवार, अप्रैल 24, 2026

चंदौसी/जिला सम्भल - चुनाव आयोग को अँधेरे मे रख मृतक पत्नी का वोट बनवाने का प्रयास, एडवोकेट ने खोली पोल, अधिकारियो को लिखा पत्र

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सरकार द्वारा सख्ती से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाये जाने के बाद भी तमाम तरह की धांधलियो के मामले सामने आ रहे है। कही किसी जीवित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है तो कही मृत मतदाता को जीवित मानकर वोट बनाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला सम्भल के चंदौसी क्षेत्र से प्रकाश मे आया है। चंदौसी नगर के मोहल्ला राज निवासी एक व्यक्ति ने सरकार द्वारा की जा रही तमाम सख्ती को ठेंगा दिखाते हुए गत 15 -16 वर्ष पूर्व मर चुकी अपनी पत्नी को जीवित दिखाते हुए उसका नाम वोटर लिस्ट मे जुड़वाने हेतु आवेदन किया है।


उक्त मामले मे नगर निवासी एडवोकेट हरीश कठेरिया ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जाँच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की गुहार लगाई है। सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट हरीश कठेरिया ने जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे गए पत्र मे बताया कि चंदौसी नगर के मौहल्ला राज निवासी सुनील कुमार पुत्र स्व0 रामस्वरूप ने एसआईआर प्रक्रिया को ठेंगा दिखाते हुए 15 से 16 वर्ष पूर्व दिवंगत हो चुकी अपनी पत्नी कृष्णा कुमारी का वोट बनवाने के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि सुनील कुमार अपनी मृतक पत्नी का वोट बनवाकर आगामी चुनावो मे किसी अन्य महिला से मतदान कराने की फ़िराक मे है।


एडवोकेट हरीश कठेरिया का कहना है कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को भ्रामक सूचना देकर इस प्रकार वोट बनवाने का प्रयास करना कानूनन दंडनीय है। सुनील कुमार द्वारा उठाया गया यह दुस्साहिक कदम पूरी तरह दुराशय से प्रेरित है। मृत व्यक्ति का वोट बनवाने के साथ ही मृत व्यक्ति के मताधिकार का प्रयोग किसी अन्य से कराने की मंशा से जाहिर होता है कि सभी सत्य तथ्यो को छिपाकर चुनाव आयोग को अँधेरे मे रखा गया है। ये भी संभव है कि सुनील कुमार किसी अन्य महिला के संपर्क मे हो और उसके द्वारा मताधिकार का प्रयोग कराने की योजना हो।


शिकायतकर्ता एडवोकेट हरीश कठेरिया ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए उक्त पत्र के साथ सभी आवश्यक साक्ष्य भी संलग्न किये है। देखना है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए कब और क्या कार्रवाई करते है अथवा ये मामला भी ठंडे बस्ते मे पड़ा रह जायेगा।

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