
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीट परीक्षा को लेकर एक फिर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात कही है।
उन्होंने अब एक्स के माध्यम से कहा कि एनटीए द्वारा आयोजित नेट परीक्षा की गड़बडिय़ों को स्वीकार कर पेपर रद्द कर दिया गया, लेकिन नीट परीक्षा में पेपर लीक और बेईमानी के सबूत मिलने के बाद भी नीट परीक्षा को रद्द नहीं किया जा रहा है।
ऐसी क्या वजह है कि एनडीए सरकार मेडिकल जैसे संवेदनशील क्षेत्र की परीक्षा में गड़बडिय़ां होने के बावजूद रद्द नहीं कर रही है? पेपर लीक के आरोपी विद्यार्थियों ने कबूला है कि उनके पास एक रात पहले ही पेपर आ गया था।
ऐसी शिकायत आने पर बीजेपी राजनीतिक फायदे के लिए करती है भ्रामक प्रचार
जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है वहां ऐसी शिकायत आने पर बीजेपी राजनीतिक फायदे के लिए भ्रामक प्रचार करती है परन्तु यहां सब कुछ साफ-साफ दिखाई देने के बाद भी चुप है। हमारी सरकार ने 26 लाख अभ्यर्थियों वाली रीट परीक्षा आयोजित की जिसमें अभ्यर्थियों के लिए भोजन, यातायात, रुकने की सुविधा सब सरकार ने किया। इसके बावजूद पेपर लीक की शिकायत मिली तो पेपर रद्द किया गया और दोबारा सफलतापूर्वक परीक्षा आयोजित कर 50,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई।
विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री सहित तमाम नेताओं ने लगाए हमारी सरकार पर झूठे आरोप
विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री सहित तमाम नेताओं ने हमारी सरकार पर झूठे आरोप लगाए जबकि सच्चाई ये है कि भाजपा शासित राज्यों एवं केन्द्र सरकार के पेपरों, आर्मी एवं ज्युडिशियरी समेत 50 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक के अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय हो गए हैं जो चिंता का विषय है।
एनटीए के मौन धारण करने के कारण हो रही है भयंकर बदनामी
नीट पेपर लीक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। एनटीए के मौन धारण करने के कारण भयंकर बदनामी हो रही है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को जनभावना का सम्मान करते हुए अविलंब नीट का पेपर रद्द करना चाहिए एवं पारदर्शिता के साथ पुन: परीक्षा आयोजित करवानी चाहिए।
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