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जिला बिजनौर के चाँदपुर थाना क्षेत्र मे लगी प्रदर्शनी मे कल बुधवार की रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ हल्दौर रोड पर लगे मेले मे झूला झूलते समय 17 वर्षीय एक किशोर लगभग 25 फिट की ऊंचाई से सिर के बल जमीन पर आ गिरा। हादसे मे गंभीर रूप से घायल हुए किशोर को आनन फानन मे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनो ने मेला संचालक व झूला मालिक पर सुरक्षा मानको की अनदेखी और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के अकरम आयु 17 वर्ष पुत्र फैज, निवासी मोहल्ला काजीजादगान,चाँदपुर कल बुधवार की रात करीब 8 बजे अपने दोस्तों के साथ घर से महज 600 मीटर दूर लगे मेले में गया था। वहां वह 'नाव' शेप वाले झूले में बैठा। चश्मदीदों ने बताया कि झूला अपनी पूरी रफ्तार में था। झूले के करीब 25 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने पर फैज का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे आ गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह लहूलुहान हो गया। मेले में मौजूद लोग उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही फैज के परिजन भी रोते बिलखते अस्पताल पहुंच गए। फैज की सलमा ने आरोप लगाया कि झूले में जरूरी 'सेफ्टी रॉड' नहीं लगी थी और झूला संचालक उसे क्षमता से अधिक तेज गति पर चला रहा था। सलमा ने सिसकते हुए कहा, "यह दुर्घटना नहीं, मेरे बेटे की हत्या है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो मेरा बच्चा आज जिंदा होता।"
फैज के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। घर में दो छोटी बहनें और एक छोटा भाई है, जिनकी जिम्मेदारी फैज के कंधों पर थी। आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका था और छोटे-मोटे काम करके परिवार का पेट पाल रहा था। फैज की मौत के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना पर पहुँचे क्षेत्राधिकारी चांदपुर देश दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। युवक की मौत झूले से गिरने के कारण हुई है। मृतक की मां की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। मेले में लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि झूला संचालक के पास 30 अप्रैल तक मेला लगाने की अनुमति और फिटनेस सर्टिफिकेट होने की बात सामने आई है, लेकिन हम तकनीकी पहलुओं और मौके पर सुरक्षा की कमियों की जांच कर रहे हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद कई लोग झूला संचालकों की मनमानी पर सवाल उठाने लगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को मेले की अनुमति देने से पहले झूलों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की कड़ाई से जांच करनी चाहिए ताकि दोबारा किसी मासूम की जान न जाए।
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