जिला बिजनौर के नगीना क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे तैनात एक महिला चिकित्सक का इंजेक्शन लगाने के नाम पर मरीज से 200 रुपये की रिश्वत लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आरोपी महिला डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जाँच के आदेश दिए है।
पाठको को बताना उचित होगा कि सीएचसी नगीना मे तैनात महिला चिकित्सक मीनाक्षी रस्तौगी पर आरोप था कि वह सरकारी अस्पताल मे तैनात होने के बावजूद मरीजो से अवैध वसूली कर रही है। महिला चिकित्सक के इन काले कारनामो को सामने लाने के लिए आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता परवेज पासी ने एक योजना बनाई। परवेज पासी ने 200 रूपये के एक नोट की फोटो कॉपी कराकर अपने पास रखी और असली नोट मरीज के माध्यम से महिला चिकित्सक को दिलवा दिया। महिला चिकित्सक द्वारा ये नोट पर्स मे रखते ही कार्यकर्ता ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला चिकित्सक के पर्स से बरामद किये गए इस नोट का मिलान कार्यकर्ता के पास मौजूद उसकी फोटो कॉपी से हो गया।
रिश्वतखोरी के मामले से जुड़ी उक्त घटना के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग मे हड़कंप मच गया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सरकारी पद पर तैनात अच्छा वेतन पा रही महिला चिकित्सक किस प्रकार मरीजो से रिश्वत की मांग कर रही है।
उक्त मामले की गंभीरता और पुख्ता सबूतों को देखते हुए सीएमओ बिजनौर डा0 कौशलेंद्र ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला चिकित्सक को त्वरित प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि वीडियो का संज्ञान लेते हुए डा0 मीनाक्षी रस्तोगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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