जिला बदायूँ की उझानी नगर पालिका परिषद से एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहाँ मृतक आश्रित कोटे मे तैनात किये गए एक कर्मचारी ने फर्जी शैक्षिक दस्तावेजो के आधार पर पदोन्नति प्राप्त कर ली। अब इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर अधिशासी अधिकारी ने पूर्व मे ही बर्खास्त किए जा चुके उक्त कर्मी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि बर्खास्त किये गए कर्मी ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर चौकीदार से लिपिक के पद पर पदोन्नति हासिल की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नफीस अहमद सैफी नगर पालिका परिषद उझानी मे मृतक आश्रित कोटे के तहत चौकीदार के पद पर तैनात किये गए थे। नियुक्ति के कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने एक मार्कशीट प्रस्तुत कर लिपिक के पद पर पदोन्नति प्राप्त कर ली थी। इस मामले में मोड़ तब आया जब एक सामाजिक पार्टी के अध्यक्ष ने मार्कशीट की सत्यता पर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की। शिकायत मिलने पर विभाग ने नफीस अहमद सैफी द्वारा दी गयी मार्कशीट की जांच शुरू कर दी थी। नफीस द्वारा प्रस्तुत की गई मार्कशीट जनपद एटा से जारी दिखाई गई थी। जांच के दौरान एटा के जिला विद्यालय निरीक्षक ने लिखित रूप में पुष्टि की कि उक्त मार्कशीट उनके विभाग से जारी नहीं हुई है और यह पूरी तरह फर्जी है। फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग द्वारा नफीस को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका था।
अब जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणी त्रिपाठी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी नफीस अहमद सैफी के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस ने अनुसार अधिशासी अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच इंस्पेक्टर क्राइम राहुल चौहान को सौंपी गई है। फर्जीवाड़े के साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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