केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इस योजना के लाभार्थियों से रिश्वत लिए जाने व कई प्रकार के उत्पीड़न के मामले हमेशा ही मीडिया माध्यमो की सुर्खिया बने रहते है। ऐसा ही एक ताजा मामला जिला बदायूँ की सहसवान नगर पालिका से प्रकाश मे आया है। यहाँ वार्ड संख्या 06 के लाभार्थियो द्वारा लगाए गए आरोप के बाद मामले की जाँच के आदेश दिए गए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 06 के 40 से 50 गरीब परिवारो ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले पक्के मकान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने पर नगर पालिका के कर्मचारियों ने घर -घर जाकर सर्वे किया और लाभार्थियों के फोटो आदि लेकर फाइल तैयार की थी। आरोप है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियो ने ये फाइल अपने पास रख ली। पीड़ित लाभार्थियो व स्थानीय निवासियो का कहना है कि कर्मचारियो फाइल आगे बढ़ाने और सूची मे नाम शामिल करने के लिए प्रति लाभार्थी 1 हजार से 2 हजार रूपये की मांग की और कई लोगो से ले भी लिए। इस बारे में पता लगने पर वार्ड सभासद ने मामले मे हस्तक्षेप किया और पालिका कर्मचारियो से पूछताछ की। इस पर कर्मचारियो ने केवल 28 लाभार्थियो की सूची प्रकाशित की और शेष 20 से अधिक लाभार्थियो की फाइल के बारे मे कोई संतोषजनक जबाब नही दे सके।
मामला बढ़ता देख सभासद और ग्रामीणों ने पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहसवान राजेश कुमार ने बताया कि मुझे इस मामले की जानकारी पहले नहीं थी। अब शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें फाइलों के गायब होने और वसूली के आरोप हैं। मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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