अमरोहा/उत्तर प्रदेश - ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भारी आक्रोश, शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन, की युद्ध रोकने की मांग - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

Breaking


रविवार, मार्च 01, 2026

अमरोहा/उत्तर प्रदेश - ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भारी आक्रोश, शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन, की युद्ध रोकने की मांग

www.newsindia17.com

अमेरिका और इजरायल द्वारा किये गए हमले मे ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई के निधन की खबर से पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय मे शोक व गुस्से का माहौल बना हुआ है। भारत मे कई स्थानों पर शिया समुदाय के मुस्लिमो ने जुलुस निकालकर प्रदर्शन किया और युद्ध का विरोध किया।


इसी को लेकर अमरोहा में भी शिया समुदाय ने सड़को पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान शिया जामा मस्जिद कमेटी के तत्वाधान मे मकबरा जनाब ए आलिया से लेकर किला इमामबाड़ा तक एक विशाल जुलुस भी निकाला गया। जुलूस में शामिल लोगों ने खामेनेई की तस्वीर वाले बैनर थाम रखे थे। लोगों ने अमेरिका और इस्रायल की सैन्य कार्रवाई को दहशतगर्दी करार देते हुए जमकर नारेबाजी की। जुलूस के समापन पर शिया समुदाय ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत सरकार इस्रायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को रुकवाने के लिए कूटनीतिक पहल करे।


शिया जामा मस्जिद के इमाम सैयद अली मोहम्मद नकवी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, इससे केवल मानवता का विनाश होता है। उन्होंने कहा जिस तरह से दुनिया को जंग की आग में झोंका जा रहा है, वह अत्यंत अफसोसजनक है। इस दौरान हमजा मियां असलम महमूद, इरफान अली जैदी, कमल रिजवी और सैयद इकबाल मेहंदी सहित समुदाय के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।


खामेनेई के निधन के शोक में सैदनगली कस्बे में शिया और सुन्नी समुदाय ने आपसी भाईचारा और एकजुटता का परिचय दिया। शोक के माहौल के बीच बाजार की सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। मोहल्ला सादात स्थित पीर जी इमामबारगाह में एक विशेष मजलिस का आयोजन हुआ, जिसमें डॉ. लईक हैदर, मौलाना कम्बर अली और डॉ. अहमद मुर्तजा ने खामेनेई के संघर्षों और उनके सिद्धांतों को याद किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ईरान ने कभी भी बाहरी ताकतों के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया।

free web counter
अभी तक पाठक संख्या